छात्रसंघ चुनाव : प्रदेश में कई जगह ‘खिसकी’ एबीवीपी की जमीन, एनएसयूआई को मिली ‘संजीवनी’, डीएवी कॉलेज में जमकर बवाल और तोड़फोड़
देहरादून। प्रदेशभर के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में मंगलवार को छात्रसंघ चुनाव संपन्न करा लिए गए। ज्यादातर कॉलेजों में छात्रसंघ पर कहीं संघ परिवार की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), तो कहीं कांग्रेस की छात्र इकाई भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) का कब्जा हुआ है। हालांकि, नफा-नुकसान का आकलन किया जाए, तो एबीवीपी की जमीन तमाम जगह खिसकती दिखी है। वहीं, कई कॉलेजों में निर्दलीयों के साथ ही कुछेक जगह उत्तराखंड क्रांति दल की छात्र इकाई उत्तराखंड स्टूडेंट्स फेडरेशन (यूएसएफ) व मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की छात्र शाखा स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने भी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है।
कांटे के मुकाबले में डीएवी छात्रसंघ अध्यक्ष बने एबीवीपी के नवदीप, एसएफआई के शैलेंद्र की उपाध्यक्ष पद पर धमाकेदार जीत
प्रदेश के सबसे बड़े कॉलेजों में शुमार दयानंद एंग्लो-वैदिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय (डीएवी) में भारी बवाल और तोड़फोड़ के बीच हुए मतदान व मतगणना के बाद देर शाम अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के नवदीप राणा को विजयी घोषित किया गया। यहां कांटे के मुकाबले में नवदीप ने महज 96 मतों के अंतर से एनएसयूआई के सौरभ सेमवाल को शिकस्त दी। छात्रसंघ उपाध्यक्ष पद पर एसएफआई के शैलेंद्र सिंह ने काफी मतों के अंतर से जोरदार जीत दर्ज की। महासचिव पद पर निर्दलीय नीलांश ने कब्जा किया।
डीएवी कॉलेज में मतदान और मतगणना को संपन्न कराने के लिए कॉलेज प्रशासन के साथ ही पुलिस और दून प्रशासन को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी।
चूंकि, मुकाबला पहले सही ही काफी करीबी माना जा रहा था, इसके चलते मतदान और मतगणना के दौरान एबीवीपी और एनएसयूआई समर्थकों के बीच लगातार तनाव बना रहा। इसकी परिणति कई चक्रों में हंगामें, तोड़फोड़, नारेबाजी और धक्का-मुक्की के तौर पर सामने आई। मतगणना कक्ष में टेबल पलट दी गईं, तो कॉलेज परिसर में कुर्सियां तोड़ डाली गईं। यहां हंगामे को काबू करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया। देर शाम गणना संपन्न होने के बाद परिणामों की घोषणा हुई, तो कॉलेज प्रशासन, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने राहत की सांस ली।
डीबीएस कॉलेज में एनएसयूआई का दबदबा बरकरार, अध्यक्ष चुने गए अभिनव
डीएवी से सटे दयानंद बृजेंद्र स्वरूप महाविद्यालय (डीबीएस कॉलेज) में एनएसयूआई ने दबदबा कायम रखा। यहां छात्रसंघ अध्यक्ष पद एनएसयूआई के अभिनव कफलिया निर्वाचित घोषित किए गए। सौरभ उपाध्यक्ष, निर्दल देवाशीष महासचिव, आरती नेगी कोषाध्यक्ष निर्वाचित हुए। दूसरी ओर, छात्राओं की सबसे बड़ी शिक्षण संस्थाओं में शामिल महादेवी कन्या पाठशाला स्नातकोत्तर महाविद्यालय (एमकेपी कॉलेज) में एबीवीपी ने पिछली विजेता एनएसयूआई को शिकस्त देकर दमदार वापसी की। यहां उसने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव व संयुक्त सचिव समेत पांच पदों पर कब्जा किया। कोषाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई की मोनिका पूर्व में ही निर्विरोध निर्वाचित हो गई थीं। अध्यक्ष पद पर एबीवीपी की आयुषी पैन्यूली ने 268 मत प्राप्त कर एनएसयूआई की प्राची (215 वोट) को 53 मतों के अंतर से पराजित किया। उपाध्यक्ष पद पर भावना, महासचिव पद पर कीर्ति, संयुक्त सचिव पद पर रेनू थापा और यूआर पद पर प्रेरणा ने कब्जा किया। मालदेवता स्थित रायपुर महाविद्यालय में भी एबीवीपी काबिज हुई है। एसजीआरआर कॉलेज में साहिल पंवार अध्यक्ष, ऋषभ भट्ट उपाध्यक्ष (निर्विरोध), रोहित रावत महासचिव, महक सह-सचिव (निर्विरोध), अर्चना पाल कोषाध्यक्ष व सिमरन कौर रैना यूआर (निर्विरोध) निर्वाचित घोषित किए गए।
डोईवाला में उक्रांद की छात्र इकाई यूएसएफ ने चौंकाया, एनएसयूआई और एबीवीपी को धकेल कर मोहित बने अध्यक्ष
डोईवाला स्थित शहीद दुर्गामल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अप्रत्याशित परिणाम सामने आया है। यहां उक्रांद की छात्र इकाई यूएसएफ के मोहित ममगाईं ने अघ्यक्ष पद पर जीत दर्ज कर सभी को चौंका दिया। यहां जीत के साथ यूएसएफ ने एनएसयूआई को दूसरे और एबीवीपी को तीसरे स्थान पर धकेल दिया। उपाध्यक्ष, महासचिव, संयुक्त सचिव व कोषाध्यक्ष पद पर यहां एबीवीपी काबिज हुई। मसूरी के म्युनिस्पल पोस्ट ग्रेजुएट (एमपीजी) कॉलेज में एनएसयूआई प्रत्याशी को परास्त कर एबीवीपी के वेदांत थापली अध्यक्ष निर्वाचित हुए। महासचिव पद पर एबीवीपी के ही आशुतोष जोशी चुने गए। जबकि, उपाध्यक्ष, सह-सचिव व कोषाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के प्रत्याशी पूर्व में ही निर्विरोध निर्वाचित हो गए थे। वहीं, दून विश्वविद्यालय में छात्र परिषद के लिए प्रज्वल भट्ट को अध्यक्ष और वैभव बड़थ्वाल को सचिव चुना गया। यहां विश्वविद्यालय के विभिन्न स्कूलों और सोसाइटी से निर्वाचित छात्र प्रतिनिधि मतदान के जरिए छात्र परिषद के पदाधिकारी चुनते हैं। उपाध्यक्ष पद पर आकृति नौटियाल, सह-सचिव पद पर मौली भट्ट और कोषाध्यक्ष पद पर निखिल बिनवाल निर्वाचित घोषित किए गए।
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के गढ़ में एनएसयूआई ने किया सूपड़ा साफ, गोपेश्वर भी कब्जाया, जोशीमठ में विद्यार्थी परिषद को राहत
प्रदेश के अन्य महाविद्यालयों में भी कई जगह चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं। रुड़की के केएल महाविद्यालय छात्रसंघ में अध्यक्ष समेत चार पदों पर एनएसयूआई ने कब्जा किया। एबीवीपी को यहां महज दो पद ही मिले। टिहरी जिले के नरेंद्र नगर में भी काफी बड़ा उलटफेर हुआ है। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के घर में कांग्रेस की छात्र शाखा एनएसयूआई ने एबीवीपी का सूपड़ा साफ कर दिया। नरेंद्रनगर के धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय में छात्रसंघ अध्यक्ष और महासचिव समेत सभी पदों पर एनएसयूआई का कब्जा हुआ है। उसके आयुष रावत ने अध्यक्ष, हिमांशी भंडारी ने उपाध्यक्ष, आषा ने महासचिव, अनामिका ने सह-सचिव पद पर जीत दर्ज की। कोषाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई की अमृता रावत पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुकी थी। जबकि, यूआर पद भी एनएसयूआई के प्रियांशु कैंतुरा के कब्जे में रहा। टिहरी के राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में छात्रसंघ परिषद के अध्यक्ष पद पर तनिषा, उपाध्यक्ष पद पर आयुषी नेगी, सचिव पद पर अभिषेक, सह-सचिव पद पर सोनम, कोषाध्यक्ष पद पर निधि और सांस्कृतिक सचिव पद पर रुचि को चुना गया। चमोली जिले में गोपेश्वर स्थित राजकीय महाविद्यालय में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव समेत सभी पदों पर एनएसयूआई ने इकतरफा जीत दर्ज की। यहां एनएसयूआई के किशन सिंह अध्यक्ष, आदित्य नेगी उपाध्यक्ष, सोहन लाल सचिव चुने गए। चमोली जिले के ही जोशीमठ स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एबीवीपी ने इकतरफा जीत हासिल की। यहां अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के नवल किशोर, उपाध्यक्ष पद पर आयना, महासचिव पद पर अनिकेत, सह-सचिव पद पर सिमरन और कोषाध्यक्ष पद पर दिया ने जीत हासिल की।

