नेगी दा : देश-दुनिया में उत्तराखंड के लोकजीवन-लोक संस्कृति की ‘प्रतिनिधि आवाज़’
देहरादून। 80 और 90 के दशक का पहाड़…। तब मोबाइल, यू-ट्यूब, व्हॉट्सएप कल्पना से परे था। लैंडलाइन की घंटी भी
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Read Moreदेहरादून। उत्तराखंड की वादियों में तैरते लोकगीत धीरे-धीरे वक्त के धुंधलके में ओझल होने लगे हैं। इनमें कई गीत तो
Read Moreदेहरादून। उत्तराखंड के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रख्यात रंगकर्मी और जनगीतकार जहूर आलम समेत कला के क्षेत्र में सक्रिय प्रदेश
Read Moreदेहरादून। ‘हां…तो बहनों-भाइयों…अब सुनिए वह गीत…जो इस बार है दसवें पायदन पर…।’ करीब चार दशक तक 10 गीतों की एक-एक
Read Moreदेहरादून। ‘द हैरिटेज स्कूल’ का दो दिवसीय वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम छात्र-छात्राओं की मनोहारी प्रस्तुतियों के साथ आयोजित किया गया। शनिवार
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