हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड को सरप्लस बारिश देकर बीत गया मानसून सीजन
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की विदाई फिलहाल नहीं हुई है। बावजूद इसके, इस वर्ष का मानसून सीजन बुधवार को बीत गया। इस बार मानसून सीजन प्रदेश में सामान्य से 9 फीसद अधिक बारिश के साथ समाप्त हुआ। हालांकि, 6 जिले ऐसे रहे, जहां मानसूनी बारिश सामान्य से कम रही। इनमें 5 जिले ऐसे हैं, जहां कमी के बावजूद वर्षा को सामान्य की श्रेणी में ही माना गया है। अलबत्ता, पौड़ी जिले में ‘सूखे’ जैसे हालात रहे, जहां पूरे सीजन में मानसूनी वर्षा धोखा दे गई।
दक्षिण-पश्चिम मानसून भी अगले 2-3 तीन दिन में ले लेगा राज्य के अधिकांश क्षेत्रों से विदा
भारत में आधिकारिक तौर पर मानसून सीजन 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है। मानसून की विदाई न होने की स्थिति में भी 30 सितंबर के बाद होने वाली बारिश को मानसूनी वर्षा के तौर पर शामिल नहीं किया जाता। भारत मौसम विज्ञान विभाग के देहरादून केंद्र के अनुसार, दक्षिण पश्चिम मानसून की वापसी की लाइन बुधवार को गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, दौसा और नलिया से होकर गुजर रही है। अगले 2-3 दिन में उत्तराखंड के अधिकांश क्षेत्रों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई होने की संभावना है, क्योंकि इसके लिए परिस्थितियां अनूकूल बनी हुई हैं।
सभी हिमालयी राज्यों में सामान्य से कम बरसे मेघ, उत्तराखंड में सामान्य से 9 प्रतिशत अधिक
मानसून की विदाई न होने के बावजूद बुधवार को मानसून सीजन की विदाई हो गई। अल-नीनो और सुपर अल-नीनो जैसी स्थितियां उत्पन्न होने के दावों और इनके चलते मानसून के कमजोर रहने संबंधी आशंकाएं जहां देश के अनेक राज्यों में सही साबित हुईं, वहीं उत्तराखंड में ये बेअसर रहीं। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल से लेकर सिक्किम, असम, मेघालय, अरूणाचल प्रदेश समेत मौसम विभाग के सभी हिमालयी सब-डिवीजन (राज्यों) में एकमात्र उत्तराखंड ही ऐसा है, जो सीजनल वर्षा के मामले में सरप्लस रहा। मौसम विभाग के मानकों में सामान्य से 19 फीसद कम या अधिक बारिश को सामान्य की श्रेणी में ही रखा जाता है। इस आधार पर नॉर्थ-ईस्ट को छोड़कर जहां अन्य हिमालयी राज्य माइनस के बावजूद सामान्य ही रहे, वहीं उत्तराखंड 9 फीसद प्लस रहा।
उत्तराखंड सीजनल वर्षा के लिहाज से माइनस में में रहे 6 जिलों में से 5 कमी के बावजूद सामान्य, पौड़ी में सूखे जैसे हालात
उत्तराखंड में 1 जून से 30 सितंबर तक पूरे मानसून सीजन में 1269.2 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य (1162.7 मिलीमीटर) से 9 फीसद अधिक है। राज्य में सामान्य से सर्वाधिक 163 प्रतिशत वर्षा बागेश्वर जिले में और सबसे कम माइनस 40 प्रतिशत पौड़ी जिले में रही। चंपावत जिले में सामान्य से 16 प्रतिशत, नैनीताल में 11, उत्तरकाशी में 9, रूद्रप्रयाग में 2 और देहरादून जिले में 1 प्रतिशत कम पानी बरसा।
उत्तराखंड को सितंबर माह (1 से 30 सितंबर) में अच्छी बारिश मिली, खासकर पिछले सप्ताह। मासिक वर्षा के मामले में सितंबर में प्रदेश का कोई भी जिला माइनस में नहीं रहा। पौड़ी के अतिरिक्त अन्य सभी 12 जिले सामान्य से अधिक बारिश वाले रहे। पौड़ी प्लस नहीं, तो माइनस भी नहीं रहा। यानी, सामान्य के बराबर रहा। इस माह प्रदेश में सामान्य (182.4 मिलीमीटर) के बजाय 302.2 मिलीमीटर बारिश हुई, जो 66 प्रतिशत अधिक है।

