पुलिस की न गश्त-न पिकेट, अपराधियों की हो रही पौ-बारह, राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण सदस्य के घर चोरी
ऋषिकेश। जिले में पिछले कुछेक वर्षों से सड़कों और गली-मुहल्लों में पुलिस की रात्रि गश्त तकरीबन पूरी तरह बंद होने और इक्का-दुक्का स्थानों को छोड़कर कहीं भी पिकेट न लगने से बेखौफ चोर, हुड़दंगी और अपराधी बुलंद हौसलों के साथ जन-सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का आए दिन खुलेआम जनाज़ा निकाल रहे हैं। पुलिस का सारा फोकस अपराध रोकने पर नहीं, बल्कि अपराध हो जाने के बाद मोबाइल डाटा और सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर रहता है। हाल यह है कि किसी घटना की सूचना के तकरीबन 8 घंटे बाद भी पुलिस घटनास्थल पर पहुंच कर मौका-मुआयना करने की जहमत नहीं उठती, वह भी किसी आम नहीं, खास व्यक्ति से जुड़े मामले में। ऐसे व्यक्ति, जो खुद पुलिस के विरुद्ध दर्ज होने वाले मामलों की ‘सुनवाई’ करता हो।
पहले 2 संदिग्धों ने की रेकी फिर नंगे पैर घुसा एक चोर, आधा घंटा घर में घूमने के बाद दो सिलेंडर चुरा कर हुआ रफूचक्कर
मामला राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण के सदस्य और वरिष्ठ पत्रकार दयाशंकर पांडे से जुड़ा है। ऋषिकेश के रेलवे रोड पर दयाशंकर और उनके भाई भानु पांडे परिवार समेत रहते हैं। भानु भी पूर्व मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के जनसंपर्क अधिकारी रहे हैं। बुधवार देर रात और वीरवार तड़के बेखौफ चोर न केवल पांडे परिवार के घर में घुसे, बल्कि काफी देर वहां रहने-घूमने के बाद दो सिलेंडर चुरा कर नौ-दो ग्यारह हो गए। सीसीटीवी फुटेज में चोरों की हरकत साफ नज़र आ रही है। दयाशंकर ने बताया कि रात्रि 11- सवा 11 बजे के आसपास दो संदिग्ध युवक घर के बाहर सड़क पर रेकी करते दिख रहे हैं। इसके बाद रात्रि 2:45 बजे इनमें से एक चोर नंगे पैर परिसर में दाखिल हुआ और काफी देर गलियारे में टहलता रहा। करीब आधा घंटे से ज्यादा समय तक चोर आवाजाही करता दिख रहा है। इसी दौरान उसने अंदर बरामदे में रखे दो सिलेंडर चुरा लिए। इनमें एक भरा, जबकि दूसरा खाली था। चोरी की घटना को अंजाम देने के बाद वह मेन गेट खोलकर फरार हो गया।
घटना की सूचना के 8 घंटे बाद भी मौके पर नहीं पहुंची पुलिस, व्हाट्सएप पर मांगी सीसीटीवी फुटेज
राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण के सदस्य दयाशंकर पांडे ने बताया कि सुबह करीब 4 बजे उनके छोटे भाई सो कर उठे तो गेट खुला देखा। इसके बाद ही चोरी का पता चला। इस पर उन्होंने तत्काल 112 पर कॉल किया। हालांकि, दोपहर पौने 12 बजे तक भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची थी। पुलिसकर्मियों का फोन जरूर आया, जिसमें उन्होंने व्हाट्सएप पर सीसीटीवी फुटेज भेजने को कहा, लेकिन मौका-मुआयना करने की जहमत नहीं उठाई।

