पीपलकोटी हादसे में 7 श्रमिकों की मृत्यु की पुष्टि, मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका, 15 श्रमिक घायल
देहरादून। चमोली जिले के पीपलकोटी में टीएचडीसी की टनल धसने से हुए हादसे में 7 श्रमिकों की मौत की आधिकारिक तौर पर पुष्टि हो गई है। इनमें एक टिहरी जिले के चंबा और दूसरा चमोली जिले के उर्गम क्षेत्र का रहने वाला था। घटना में घायल 15 अन्य श्रमिकों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है, क्योंकि अब भी कुछ श्रमिक मलबे में दबे हैं, जिनकी तलाश में शुक्रवार तड़के सर्च ऑपरेशन फिर शुरू कर दिया गया। घटना के वक्त टनल में 28 श्रमिक काम कर रहे थे।
टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में धसाव होने से भरे टनों पानी व मलबे में दब गए थे श्रमिक
टीएचडीसी की निर्माणाधीन विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में वीरवार शाम धसाव होने से टनों मलबा और पानी भर गया। 444 मेगावाट की इस परियोजना की पीपलकोटी स्थित 3.5 किलोमीटर लंबी टनल के 1.5वें किलोमीटर पर यह हादसा हुआ। बताया गया है कि यह टेल रेस टनल (टीआरटी) है, जिससे विद्युत उत्पादन के बाद पानी निकलकर नदी में चला जाता है। एचसीसी कंपनी इसका काम करवा रही है। टनल में पानी और मलबा भर जाने के कारण श्रमिक उसमें फंस गए। आनन-फानन में पीपलकोटी पुलिस, मौके पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और फायर सर्विस के जवानों ने एचसीसी के अन्य श्रमिकों और मशीनों के साथ तत्काल टनल में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
लापता श्रमिकों की तलाश में लगातार जारी है टनल में सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन
टनल से आनन-फानन में घायलों को निकालकर पहले पीपलकोटी के विवेकानंद अस्पताल और फिर गोपेश्वरडिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल ले जाया गया। इसी बीच एसडीआरएफ व एनडीआरएफ भी मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गई। कुछ ही देर में जोशीमठ कैंट और गौचर से सेना व आईटीबीपी की यूनिट भी मौके पर बुला ली गई। डीएम गौरव कुमार व एसपी सुरजीत सिंह पंवार की अगुआई में रेस्क्यू ऑपरेशन देर रात तक जारी रहा। कुछ घंटे स्थगित रहने के बाद इसे तड़के पुनः आरंभ किया गया। रेस्क्यू टीमों के जवान मलबे में दबकर लापता हुए श्रमिकों की तलाश कर रहे हैं।
मृतकों में एक टिहरी के चंबा और जोशीमठ के उर्गम क्षेत्र का भी एक-एक श्रमिक
देर रात तक 22 श्रमिकों को टनल से निकाल लिया गया था, जिनमें 7 की मौत हो गई। अन्य 14 घायलों को गोपेश्वर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें एक को श्रीनगर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि एक अन्य को डिस्चार्ज कर दिया गया है। शेष 12 घायलों का उपचार वहां चल रहा है। एक घायल पीपलकोटी के विवेकानंद अस्पताल में भर्ती बताया गया है। गोपेश्वर अस्पताल लाए गए घायलों में 5 झारखंड, 4 बिहार, 2 छत्तीसगढ़ और 1-1 पंजाब व हिमाचल प्रदेश के रहने वाले हैं। अब तक जिन 7 मृतकों की आधिकारिक पुष्टि हुई है, उनमें टिहरी जिले के चंबा क्षेत्र का 31 वर्षीय प्रदीप पंवार व चमोली जिले के जोशीमठ ब्लॉक क्षेत्रातंर्गत उर्गम का रहने वाला मुकेश शामिल हैं। अन्य मृतक झारखंड व बिहार के हैं।
गले तक मलबा भरे होने से बेहद मुश्किल हो रहा रेस्क्यू ऑपरेशन, नीले ड्रमों की नाव बनाकर आगे बढ़ी एसडीआरएफ
पीपलकोटी टनल में सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेषन संचालित करने में जवानों को काफी कठिनाइयां आईं। गर्दन तक की गहराई में पानी और मलबा भरे होने के कारण आगे बढ़ना मुश्किल था। इसके चलते एसडीआरएफ के जवानों ने प्लास्टिक के नीले ड्रमों को बांधकर उन्हें पानी-मलबे में नाव की तरह इस्तेमाल किया और आगे बढ़े। श्रीनगर से राफ्ट भी मंगाई गई है, जो तड़के मौके पर पहुंच गई। मलबे में मजदूरों के गहराई तक दबे होने की आशंका में ऑपरेशन बेहद सावधानी से चलाया जा रहा है।
टीएचडीसी ने दुर्घटना पर जताया दुःख, हर तरह से श्रमिकों के साथ खड़े होने की जताई प्रतिबद्धता
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए ऋषिकेश स्थित टीएचडीसी मुख्यालय में देर रात प्रेस कांफ्रेंस बुलाई गई, जहां कार्यकारी निदेशक (परियोजनाएं) कुमार शरद ने घटना पर दुःख जताते हुए हर तरह से श्रमिकों के साथ खड़े होने की बात कही। उन्होंने कहा कि टेलरेस कैविटी में बाढ़ के कारण सुरंग में भारी मात्रा में पानी घुस गया और पानी व कीचड़ के अचानक प्रवाह के कारण यह दुर्घटना हुई।

