रामपुर तिराहा पहुंचकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलन के बलिदानियों को किया याद, शहीदों के निवास क्षेत्र में प्रतिमाएं स्थापित करने की घोषणा
मुजफ्फरनगर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को यहां रामपुर तिराहा स्थित शहीद स्थल पहुंचकर उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अमर बलिदानियों के स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया और श्रद्धांजलि सभा में हिस्सा लिया।
रामपुर तिराहा स्थित राज्य अतिथि गृह का होगा उच्चीकरण, पुस्तकालय बनेगा ई-लाइब्रेरी, संग्रहालय का भी होगा विस्तार
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर घोषणा की कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन में शहीद हुए जिन आंदोलनकारियों की प्रतिमाएं अब तक स्थापित नहीं हुई हैं, उनकी प्रतिमाएं उनके पैतृक गांव अथवा निवास क्षेत्र में उपयुक्त स्थान पर स्थापित की जाएंगी। उन्होंने रामपुर तिराहा स्थित राज्य अतिथि गृह के उच्चीकरण, स्मारक परिसर में स्थित पुस्तकालय को ई-लाइब्रेरी के रूप में विकसित करने और संग्रहालय के विस्तार की भी घोषणा की। संग्रहालय में उत्तराखंड के पारंपरिक वाद्य यंत्रों, वेशभूषा व लोक संस्कृति से संबंधित सामग्री को भी शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के पुनः चिह्नीकरण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाएगी। धामी ने कहा कि राज्य आंदोलन के अमर बलिदानियों की स्मृतियों को भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जाएगा। सरकार राज्य आंदोलनकारियों और बलिदानियों के सपनों के अनुरूप राज्य के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों और बलिदानियों के आशीर्वाद से उन्हें लगातार छठे वर्ष रामपुर तिराहा सहित खटीमा व अन्य शहीद स्थलों पर श्रद्धासुमन अर्पित करने का अवसर प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक व दो अक्तूबर 1994 की रात रामपुर तिराहा में शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जा रहे राज्य आंदोलनकारियों के साथ हुई घटना उत्तराखंड राज्य आंदोलन के इतिहास का अत्यंत पीड़ादायक अध्याय है। पृथक राज्य के लिए आंदोलनकारियों ने लंबा संघर्ष किया। खटीमा, मसूरी, रामपुर तिराहा और श्रीनगर के श्रीयंत्र टापू सहित विभिन्न स्थानों पर आंदोलनकारियों ने अपना बलिदान दिया। उनके संघर्ष और बलिदान के परिणामस्वरूप ही पृथक राज्य अस्तित्व में आया। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य आंदोलनकारियों व उनके आश्रितों के सम्मान और हितों के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य आंदोलनकारियों व उनके आश्रितों को राजकीय सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। क्षैतिज आरक्षण से लाभान्वित आश्रितों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के आश्रित प्रमाण पत्रों के निर्गमन की प्रक्रिया को सरल करते हुए इन्हें तहसील स्तर पर जारी किए जाने के आदेश दिए गए हैं। रामपुर तिराहा, खटीमा, देहरादून व मसूरी स्थित शहीद स्थलों के पुनर्निर्माण और विस्तारीकरण की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
स्मारक परिसर में शहीदों की प्रतिमाओं की स्थापना कार्य का किया शिलान्यास, 27 लाख की राशि अवमुक्त
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने रामपुर तिराहा कांड में शहीद राज्य आंदोलनकारियों की प्रतिमाओं की स्थापना के कार्य का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि रामपुर तिराहा में शहीदों की मूर्ति स्थापना के लिए ₹27 लाख की धनराशि अवमुक्त की गई है। शहीद स्मारक के लिए भूमि दान करने वाले स्व. महावीर शर्मा के योगदान को नमन करते हुए धामी ने कहा कि उनकी प्रतिमा भी स्मारक परिसर में स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री धामी ने रामपुर तिराहा कांड के दौरान राज्य आंदोलनकारियों की सहायता करने वाले स्थानीय लोगों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उस कठिन समय में स्थानीय लोगों ने आगे बढ़कर आंदोलनकारियों को सहयोग और शरण दी। उनका यह योगदान उत्तराखंड की जनता सदैव स्मरण रखेगी।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल, यूपी विधान परिषद की सदस्य वंदना वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, मुजफ्फरनगर के भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी, उत्तराखंड के संस्कृति सचिव युगल किशोर पंत समेत बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी, जनप्रतिनिधि व स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

