चंद मिनट की तेज हवा उखाड़ गई कई विशाल पेड़, फायर ब्रिगेड की गाड़ी और पांच दुकानें दबीं, एसपी ऑफिस भी आया पेड़ के नीचे
देहरादून। उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी देहरादून समेत कई जिलों में कुछ-कुछ घंटों के अंतराल पर बारिश का सिलसिला जारी है। बुधवार सुबह 8ः30 बजे तक गुजरे 24 घंटों में प्रदेश में सामान्य से 537 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज हुई। इस बीच, अपराह्न बारिश के साथ चंद मिनटों की तेज हवाओं ने दूनघाटी में जन-जीवन प्रभावित किया। कई जगह विशाल पेड़ उखड़ कर गिर गए, जिससे बिजली की लाइनों को नुकसान पहुंचा और आवाजाही प्रभावित हुई। रेंजर्स कॉलेज मैदान में आयोजित सरस मेले में खड़ा अग्निशमन वाहन (फायर टेंडर) और तिब्बती मार्केट में 5 दुकानें भारी-भरकम पेड़ गिरने से दब गईं। रेंजर्स कॉलेज में मुख्यमंत्री का प्रस्तावित कार्यक्रम भी इसके चलते स्थगित हो गया।
प्रदेश भर लगातार बिगड़ा है मौसम का मिजाज, 24 घंटों में सामान्य से 537 प्रतिशत ज्यादा बारिश
प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ा हुआ है। 30 सितंबर को मानसून सीजन और दो दिन पहले मानसून की आधिकारिक तौर पर विदाई के बाद अब नए बने मौसमी सिस्टम के कारण तेज हवाओं के साथ राजधानी समेत राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में बीते सोमवार शाम से ही कुछ घंटों के अंतराल पर बौछारें पड़ने का सिलसिला चल रहा है, खासकर अपराह्न या शाम के समय। भारत मौसम विज्ञान विभाग के देहरादून केंद्र के अनुसार, बुधवार सुबह 8ः30 बजे तक बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में 0.9 मिलीमीटर की अपेक्षा 5.6 मिलीमीटर बारिश हुई, जो एक दिन की सामान्य वर्षा से 537 प्रतिशत अधिक है। सामान्य से सर्वाधिक 6 हजार 786 प्रतिशत बारिष उत्तरकाशी जिले में रिकॉर्ड हुई, जबकि नैनीताल में यह शून्य रही। हालांकि, बुधवार को समाप्त हुए सप्ताह के दरम्यिान 11.5 मिलीमीटर सामान्य बारिश के मुकाबले सिर्फ 8.8 मिलीमीटर बारिश प्रदेश को मिली, जो 24 फीसद की कमी दर्शाती है। मासिक और मौसमी वर्षा (1 अक्तूबर से) के मामले में भी सामान्य से 24 प्रतिशत की यह कमी बनी हुई है।
दिन में सर्वाधिक 56.5 मिलीमीटर बरसात हुई बेरीनाग में, गढ़वाल मंडल में नैनीडांडा रहा शीर्ष पर
बुधवार सुबह 8ः30 बजे से शाम 7ः00 बजे के बीच दर्ज मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में सर्वाधिक 56.5 मिलीमीटर बारिष बेरीनाग में हुई। चलथी में 32 मिलीमीटर, थल में 27.5 मिलीमीटर, चोरगलिया में 24 मिलीमीटर, पिथौरागढ़ में 22.3 मिलीमीटर, नैनीडांडा में 20.5 मिलीमीटर, औली में 19 मिलीमीटर, पंचेश्वर में 18 मिलीमीटर, चमोली में 14.5 मिलीमीटर, सल्ट में 13.5 मिलीमीटर, कनालीछीना में 11 मिलीमीटर, नैनीताल व भीमताल में 10.5 मिलीमीटर और काषीपुर में 7.5 मिलीमीटर बारिष दर्ज हुई। इनमें ज्यादातर स्थानों पर दोपहर बाद तेज वर्षा मिली।
दूनघाटी में तेज हवाओं से जन-जीवन अस्त-व्यस्त, तिब्बती मार्केट में 5 दुकानें और कान्वेंट रोड पर कार दबी

देहरादून जिले में अपराह्न 3 बजे के आसपास तेज हवाओं के साथ परवादून से लेकर पछवादून तक कुछ देर बौछारें पड़ीं। इस दौरान सर्वाधिक 14.5 मिलीमीटर बारिश हाथीबड़कला में मिली। कोटी में 13 मिलीमीटर, जौलीग्रांट में 10.4 और मोहकमपुर में 10 मिलीमीटर पानी बरसा। तेज हवाओं ने कई स्थानों पर पेड़ व होर्डिंग उखाड़ दिए और बिजली की लाइनों को नुकसान पहुंचाया। इसके चलते आवाजाही से लेकर बिजली आपूर्ति तक प्रभावित रही। सबसे ज्यादा पेड़ रेंजर्स ग्राउंड और परेड ग्राउंड क्षेत्र में टूट कर गिरे। पुराने एफआरआई परिसर (रेंजर्स कॉलेज) में तिब्बती मार्केट के पीछे खड़ा विशाल पेड़ तेज हवाओं के बीच अचानक टूटकर दुकानों के ऊपर आ गिरा। कान्वेंट स्कूल के गेट के ठीक सामने तिब्बती मार्केट के आखिरी छोर पर स्थित टीन शेड के बने 5 फास्टफूड रेस्टोरेंट पेड़ और उसके विशाल टहनों के नीचे दब गए। इससे एक रेस्टोरेंट पूरी तरह ध्वस्त हो गया, जबकि अन्य चार को भी काफी नुकसान पहुंचा है। गनीमत यह रही कि घटना के वक्त वहां मौजूद सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल गए। इससे बड़ा हादसा टल गया।
नजदीक ही कान्वेंट स्कूल परिसर, तुसात परिसर और परेड ग्राउंड की ओर सड़क के डिवाइडर पर खड़े कुछ छोटे पेड़ भी जमींदोज हो गए। कान्वेंट रोड पर एक कार पेड़ के नीचे दब गई। हालांकि, उसमे सवार लोगों को किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। पेड़ों के गिरने से लैंसडाउन रोड और कान्वेंट रोड पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। बाद में वन विभाग और फायर सर्विस के अतिरिक्त तिब्बती मार्केट स्थित प्रभावित रेस्टोरेंट संचालकों ने पेड़ों को काटकर हटाया।
सरस मेले में अग्निशमन वाहन और विद्युत लाइनों पर गिरे पेड़, मुख्यमंत्री का आगमन भी हुआ स्थगित
नजदीक ही रेंजर्स मैदान में लैंसडौन रोड की ओर एक विशाल पेड़ उखड़ कर वहां खड़ी फायर बिग्रेड की गाड़ी पर आ गिरा। यह गाड़ी सरस मेले के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री के प्रस्तावित आगमन के दृष्टिगत खड़ी की गई थी। कुछ स्टॉल को भी हल्का नुकसान पहुंचा। फायर कर्मियों ने आरों की मदद से काटकर पेड़ को फायर टेंडर से हटाया। वाहन के ऊपर रखी फायर सर्विस की सीढ़ी पेड़ की वजह से टूट गई। मैदान के अंदर ही एक अन्य पेड़ सुभाष रोड वाले गेट के नजदीक टूट कर बिजली की लाइनों और सड़क पर आ गिरा। इससे विद्युत लाइनों को नुकसान पहुंचा। क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी देर रात तक इसके चलते प्रभावित रही।
रेंजर्स मैदान में आयोजित सरस फूड फेस्टिवल (मेले) का उद्घाटन शाम 5 बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को करना था, लेकिन खराब मौसम के कारण उत्पन्न हालात के कारण उनका आगमन स्थगित हो गया। हालांकि, इसके पीछे आधिकारिक तौर पर कोई वजह नहीं बताई गई।
एसपी सिटी दफ्तर की बिल्डिंग पर जड़ से उखड़ कर गिरा भारी-भरकम पेड़, रिस्पना पुल क्षेत्र में होर्डिंग जमींदोज
कचहरी रोड और कलालों वाली गली किनारे स्थित एसपी सिटी/ट्रैफिक कार्यालय के ऊपर भी बुधवार शाम तेज हवाओं के दौरान भारी-भरकम पेड़ उखड़ कर आ गिरा। पीडब्ल्यूडी कार्यालय की ओर कार्यालय की दीवार के निकट खड़ा यह पुराना पेड़ जड़ से उखड़ कर ऑफिस बिल्डिंग पर गिरा। गनीमत यह रही कि किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई। पुलिस कर्मियों ने पेड़ के कुछ हिस्से काटकर कार्यालय परिसर में आवाजाही लायक रास्ता बनाया।
अलबत्ता, पेड़ देर रात तक भी कार्यालय परिसर और बिल्डिंग पर ही पड़ा था। दूसरी ओर, रिस्पना पुल क्षेत्र में बड़ा होर्डिंग जमींदोज हो गया।

