भाजपा से दिनेश आर्य पहुंचेंगे राज्यसभा में, पार्टी ने नैनीताल के पूर्व जिलाध्यक्ष को प्रत्याशी घोषित कर खेला दलित कार्ड
नई दिल्ली। भाजपा हाईकमान ने प्रत्याशी चयन के मामले में एक बार फिर चौंकाया है। पार्टी नेतृत्व ने उत्तराखंड में रिक्त हो रही राज्यसभा सीट के लिए दिनेश आर्य को टिकट थमाया है। बतौर पार्टी प्रत्याशी उनके नाम की रविवार दोपहर आधिकारिक घोषणा की गई। उनके साथ ही पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की रिक्त सीट के लिए रुक्मिणी मल्लिक को प्रत्याशी घोषित किया गया है।
अभी तक लाइमलाइट से अपेक्षाकृत दूर रहे आर्य का नाम भाजपा के भी अधिकांश लोगों के लिए अजनबी था। हालांकि, वे पिछले दो दशक से भी ज्यादा से पार्टी से जुड़े हैं। दिनेश आर्य पूर्व में भाजपा के नैनीताल जिलाध्यक्ष रह चुके हैं वर्तमान में वे राज्यस्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष हैं। वे साल-2022 में नैनीताल से विधानसभा चुनाव में पार्टी टिकट के दावेदार भी थे। वे पूर्व में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन संपर्क अधिकारी भी रह चुके हैं।
मौजूदा माहौल और पिछले दिनों हल्द्वानी शुद्धिकरण कांड के बाद भाजपा पर लगे दलित विरोधी होने संबंधी आरोपों के बाद दिनेश आर्य को राज्यसभा प्रत्याशी बनाया जाना खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आर्य अनुसूचित जाति से आते हैं। ऐसे में उन्हें आगे करना भाजपा की दलित विरोधी आरोपों की काट के तौर पर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि मौजूदा राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल का कार्यकाल इसी 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। इस सीट के मंगलवार (6 अक्तूबर) को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है। 7 अक्तूबर को नामांकन पत्रों की जांच और 9 अक्तूबर तक नाम वापसी की जा सकेगी। 16 अक्तूबर को सुबहान9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान और शाम 5 बजे बाद मतगणना होगी। वैसे, आर्य का निर्विरोध राज्यसभा सदस्य बनना तय माना जा रहा है, क्योंकि कांग्रेस समेत विपक्ष चुनाव मैदान में उतरने की स्थिति में नहीं है।

