उत्तरकाशी के उच्च हिमालयी क्षेत्र में जारी है बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन, हेलीकॉप्टरों की मदद से 29 ट्रेकर्स निकाले
उत्तरकाशी/बागेश्वर। खराब मौसम के कारण पिछले तीन दिन से उच्च हिमालयी क्षेत्र में फंसे करीब 145 से अधिक ट्रैकर्स और पवर्तारोहियों को सुरक्षित निकालने के लिए सोमवार तड़के से बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित किया जा रहा है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और गंगोत्री नेशनल पार्क की हाई एल्टीट्यूड में इस तरह के अभियान संचालित करने के लिए विशेष तौर पर प्रशिक्षित टीमों को ऑपरोशन में लगाया गया है।
इसके साथ ही सेना, पुलिस और प्रशासन की टीमें भी अभियान का हिस्सा बनी हैं। कई हेलीकॉप्टरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन में ली जा रही है। पूर्वाह्न 11 बजे तक उत्तरकाशी के कालिंदी ट्रैक के ओडिन्स कोल बेस कैंप पर फंसे सभी 29 ट्रैकर्स को रेस्क्यू कर लिया गया था।
सेना के 10 जवानों और विदेशियों समेत उत्तरकाशी-बागेश्वर के उच्च हिमालयी क्षेत्र में फंसे थे 145 से ज्यादा पर्वतारोही व ट्रेकर्स
उत्तरकाशी जिले के कालिंदी पास के दालांदी बेस पर बेंगलुरू के 5 ट्रेकर्स और 13 सपोर्टिंग स्टाफ समेत कुल 18 सदस्यीय दल, माउंट सुदर्शन के तपोवन बेस कैंप पर 4 विदेशियों और 3 सपोटिंग स्टाफ समेत 7 सदस्यीय दल, माउंट भागीरथी-2 पर सेना के 10 जवानों और 10 सपोर्टिंग स्टाफ समेत कुल 20 सदस्यीय दल, माउंट भागीरथी-2 के नंदनवन बेस कैंप पर पुणे के 6 पर्वतारोहियों और 3 सपोर्टिंग स्टाफ समेत कुल 9 सदस्यीय दल, माउंट जोगिन-1 में 2 पर्वतारोहियों और 3 सपोर्टिंग स्टाफ समेत कुल 5 सदस्यीय दल, माउंट शिवलिंग के तपोवन बेस कैंप में 2 विदेशी पर्वतारोहियों और 3 सपोर्टिंग स्टाफ समेत 5 सदस्यीय दल, माउंट सतोपंथ के वासुकीताल बेस कैंप पर 5 ट्रेकर्स और 3 सपोर्टिंग स्टाफ समेत 8 सदस्यीय दल और कालिंदी ट्रेक के ऑडेन्स कोल पास बेस कैंप पर 6 ट्रेकर्स व 23 सपोर्टिंग स्टाफ समेत 29 सदस्यीय दल फंसा होने की सूचना प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को मिली। जबकि, माउंट शिवलिंग के बेस कैंप से 3 सपोर्टिंग स्टाफ पहले ही वापस लौट गया।
इसके अतिरिकत बागेश्वर जिले में पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक रूट पर 43 सदस्यीय दल फंसा है। इनमें 23 ग्लेशियर के निकट और 20 के खाथी गांव के निकट होने की सूचना है। इस दल में भारतीय और विदेशी ट्रेकर्स शामिल हैं।
एसडीआरएफ-एनडीआरएफ समेत विभिन्न बलों के प्रशिक्षित जवान जुटे हैं अभियान में, अधिकारी कर रहे पल-पल की मॉनीटरिंग
सोमवार तड़के मौसम साफ होते ही यूकाडा के हेलीकॉप्टर्स की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। उत्तरकाशी मुख्यालय से डीएम प्रशांत आर्य खुद पूरे अभियान की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। रेस्क्यू अभियान को त्वरित व प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए एडीएम मुक्ता मिश्र हर्षिल में मौजूद हैं। वहीं, देहरादून स्थित मुख्यालय से एसडीआरएफ कमांडेंट अर्पण यदुवंशी भी अभियान पर नजर रखे हैं।
सुबह सबसे पहले कालिंदी ट्रेक स्थित ओडिन कोल क्षेत्र में फंसे ट्रेकर्स के रेस्क्यू किया गया। यहां से सभी 29 ट्रेकर्स को हेलीकॉप्टर के माध्यम से सकुशल निकालकर हर्षिल आर्मी बेस स्थित अस्पताल लाया गया है, जहां उनके स्वास्थ्य का परीक्षण किया जा रहा है। अभियान के लिए उच्च हिमालयी क्षेत्र में ऑपरेषन संचालित करने में माहिर एसडीआरएफ की स्पेशल टीम देहरादून स्थित सहस्रधारा हेलीपैड से भेजी गई।
मौसम फिलहाल अनुकूल, आवश्यकता पड़ने पर पैदल टीमें भी रखी गई हैं तैयार: डीएम
उत्तरकाशी के डीएम प्रशांत आर्य ने बताया कि फिलहाल मौसम साफ होने से हेलीकॉप्टरों के जरिए ऑपरेशन संचालित किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर अभियान के लिए पैदल टीमें भी तैयार रखी गई हैं। उन्होंने बताया कि भोजवासा और चीड़बासा में रुके अधिकांश पर्यटकों को गंगोत्री नेशनल पार्क के कर्मचारियों की मदद से सुरक्षित वापस ले आया गया है।
उधर, बागेश्वर जिले के पिंडारी ग्लेशियर क्षेत्र में फंसे लोगों को निकालने के लिए भी अभियान संचालित किया जा रहा है।

