शिवालयों में जलाभिषेक के साथ संपन्न हुई कांवड़ यात्रा, कुल 4.80 करोड़ कांवड़ियों ने भरा हरिद्वार से गंगाजल
हरिद्वार। श्रावण मास की शिवरात्रि पर मंगलवार को शिवालयों में जलाभिषेक के लिए लाखों कांवड़ियों व अन्य शिवभक्तों का तांता लगा रहा। इसके साथ ही इस वर्ष की कांवड़ यात्रा भी संपन्न हो गई है।
इस बार कुल 4 करोड़ 80 लाख 40 हजार कांवड़ियों ने हरिद्वार के विभिन्न गंगा घाटों से गंगाजल की कांवड़ भरी। हरिद्वार प्रशासन के मेला कंट्रोल रूम के अनुसार, कांवड़ मेला-2026 के अंतिम दिन मंगलवार को कुल 36 लाख 62 हजार शिवभक्त यहां से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांवड़ मेले के सफल व सुव्यवस्थित आयोजन में सहभागी बने देशभर से आए सभी शिवभक्तों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष देवभूमि उत्तराखंड ने श्रद्धा के ऐसे विराट स्वरूप का साक्षात्कार किया, जहां करोड़ों शिवभक्तों की आस्था के साथ सेवा, अनुशासन और व्यवस्था का अद्भुत समन्वय दिखाई दिया। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा और उत्तराखंड की सेवा व आतिथ्य परंपरा में उनके विश्वास को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने इस विशाल जनसमागम को सुरक्षित व सुव्यवस्थित बनाने में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन दल, स्वच्छता कर्मियों, स्वयंसेवी संगठनों, धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं व स्थानीय नागरिकों के योगदान को भी सराहा है।
कांवड़ यात्रा सकुशल संपन्न होने पर हरिद्वार के डीएम मयूर दीक्षित व एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने हरकीपैड़ी पर मां गंगा की पूजा अर्चना की। वे हरकीपैड़ी से गंगाजल लेकर कनखल पहुंचे और वहां दक्षेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर भगवान दक्षेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया।

