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दून में जुटेगा लोक संस्कृति का कुंभ, अखिल गढ़वाल सभा का 10 दिवसीय ‘उत्तराखंड कौथिग’ 24 अक्तूबर से

देहरादून। राजधानी में 24 अक्तूबर से 10 दिन तक उत्तराखंडी लोक संस्कृति का कुंभ लगने जा रहा है। इसमें लोक नृत्य होंगे, लोकगीत होंगे, लोक व्यंजन, लोक परिधान आदि बहुत कुछ होगा। साथ ही होगा, लोक से जुड़े तमाम अहम विषयों पर गहन मंथन। यह सब कुछ एक साथ-एक स्थान पर दिखेगा अखिल गढ़वाल सभा के द्विवार्षिक ‘उत्तराखंड कौथिग-2026’ में। गढ़वाली समाज की सबसे बड़ी संस्था अखिल गढ़वाल सभा की आमसभा ने रविवार को इस भव्य और विशाल आयोजन के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया।

संस्था की आमसभा में अध्यक्ष ने किया ज्यादा से ज्यादा संख्या में सदस्य बनने का आह्वान

चौधरी बिहारी लाल मार्ग स्थित अखिल गढ़वाल सभा भवन में अध्यक्ष रोशन धस्माना की अध्यक्षता में अपराह्न आमसभा आरंभ हुई। सबसे पहले अध्यक्ष धस्माना ने सभी का स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह वर्ष अखिल गढ़वाल सभा का हीरक जयंती वर्ष है। इसलिए, प्रस्तावित कौथिग को सभा पूरी भव्यता के साथ आयोजित करेगी। उन्होंने युवा सदस्यों से सभा के प्रस्तावित कार्यक्रमों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने का आह्वान किया। साथ ही राजधानी में रह रहे गढ़वाली समाज के ज्यादा से ज्यादा लोगों से सभा का सदस्य बनने की भी अपील की।

रेंजर्स कॉलेज मैदान में होगा कौथिग, अपना हीरक जयंती स्थापना दिवस भी उल्लास से मनाएगी संस्था

सभा के महासचिव गजेंद्र भंडारी ने पिछली आमसभा की कार्यवाही पढ़कर सुनाई और पुष्टि कराई। भंडारी ने कहा कि हीरक जयंती वर्ष में अखिल गढ़वाल सभा अपना स्थापना दिवस भी धूमधाम से मनाएगी। कोषाध्यक्ष वीरेंद्र असवाल ने वार्षिक आय-व्यय का ब्योरा आमसभा के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक सचिव उदय शंकर भट्ट ने आमसभा के समक्ष 24 अक्तूबर से 2 नवंबर तक 10 दिवसीय उत्तराखंड कौथिग-2026 आयोजित करने संबंधी प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। कौथिग रेंजर्स कॉलेज मैदान में आयोजित किया जाएगा। गढ़वाल सभा की उपाध्यक्ष निर्मला बिष्ट ने सभी का आभार व्यक्त किया।

आमसभा में संस्था के सह-सचिव संतोष गैरोला, प्रवक्ता अजय जोशी, महिला कल्याण सचिव संगीता ढौंडियाल, संगठन सचिव सूर्य प्रकाश भट्ट, प्रबंध सचिव बीरेंद्र असवाल के साथ ही द्वारिका बिष्ट, कृष्ण मोहन बहुगुणा, उषा भट्ट, बीना असवाल, संगीता सेमवाल, रीता बिष्ट, रेखा बडोनी, नत्था सिंह पंवार, मोहन खत्री, पंचम सिंह बिष्ट, कैलाश रमोला, जगमोहन नेगी, प्रदीप कुकरेती, रामलाल खंडूरी, जितेंद्र अंथवाल, कैलाश तिवारी, आलोक मलासी, महिपाल कंडारी, लक्ष्मी बहुगुणा, रीता भंडारी, तारेश्वरी भंडारी, रानू बिष्ट समेत काफी सदस्य मौजूद रहे।

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