जिंदगी फंसी थी संकट में पर घबराया नहीं 12 साल का प्रिंस, रस्सी के सहारे हुए रेस्क्यू को भी लिया एडवेंचर की तरह
देहरादून। नाम- प्रिंस। उम्र- महज 12 साल। चारों ओर उफनाती नदी। जिंदगी संकट में। फिर भी कोई घबराहट नहीं। नदी किनारे परिजन चिंताग्रस्त। एसडीआरएफ संकटमोचक बनकर पहुंची। ऊपर पुलिया से रस्सी के सहारे एक जवान नीचे उतरा। प्रिंस को रस्सी (रोप) बांधी गई। वह हंसता-मुस्कुराता इन संकट के पलों में भी बेखौफ। जवानों ने रोप के सहारे उसे ऊपर खींचना शुरू किया। तब भी कोई घबराहट नहीं। मानो, बच्चे के लिए यह एक नया खेल हो। वह इस ‘एडवेंचर’ को ‘एंज्वॉय’ करता बालसुलभ हंसी-मुस्कुराहट के साथ हवा में झूलता हुआ ऊपर पहुंचा। वहां भी एसडीआरएफ जवानों के बीच ऐसे, जैसे कुछ हुआ ही न हो। बच्चे की हिम्मत और एसडीआरएफ की तत्परता व दक्षता के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हुआ। परिजनों समेत सभी ने राहत की सांस ली।
कोटद्वार में उफनाती नदी के बीच फंसे बालक के लिए एसडीआरएफ टीम बनी संकटमोचक
मामला बुधवार 29 जुलाई का है। पौड़ी जिले की कोटद्वार कोतवाली से एसडीआरएफ पोस्ट को सूचना मिली कि गुरुपुर क्षेत्र में एक 12 वर्षीय बालक जलस्तर अचानक बढ़ जाने के कारण अकेला नदी के बीच फंस गया है। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ टीम रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। वहां एसडीआरएफ ने पाया कि नदी का बहाव तेज होने और जलस्तर बढ़ जाने के कारण बालक चारों ओर से पानी से घिर गया है। इस कारण उसका स्वयं बाहर निकल पाना संभव नहीं है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ‘रोप रेस्क्यू’ तकनीक का प्रयोग किया। इसमें एक जवान रोप के सहारे नीचे उतरा। फिर उसने बालक को रोप और बेल्ट बांधीं। हेलमेट पहनाया। इसके बाद संकेत मिलते ही ऊपर मौजूद बाकी जवानों ने रस्से को खींचना शुरू किया। कुछ ही पल में बच्चा एसडीआरएफ टीम के बीच था, जिसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। रेस्क्यू किए गए बालक की पहचान प्रिंस (उम्र 12 वर्ष), निवासी धुर्वेपुर, कोटद्वार के रूप में हुई।
गंगा में डूब रहे कांवड़िया को बचाने के लिए एसडीआरएफ टीम ने नदी में दौड़ाई राफ्ट
एसडीआरएफ ने बुधवार को सिर्फ प्रिंस को ही रेस्क्यू नहीं किया, हरिद्वार में भी ऊफनाती गंगा के बीच से दो और जिंदगी बचाईं। दोनो घटनाएं कांगड़ा घाट क्षेत्र में हुईं। कांगड़ा घाट क्षेत्र में कांवड़ ड्यूटी पर तैनात एसडीआरएफ को सूचना मिली कि एक कांवड़िया गंगा बह गया है। एसडीआरएफ टीम ने बिना वक्त गंवाए तत्काल सूझबूझ और दक्षता का परिचय देते हुए राफ्ट नदी में दौड़ाई और डूब रहे युवक को रेस्क्यू कर लिया। उसकी पहचान 19 वर्षीय योगेश पुत्र सज्जन निवासी जींद (हरियाणा) के रूप में हुई है। युवक की जान बचने पर उसके परिजनों और वहां मौजूद भीड़ ने एसडीआरएफ टीम का आभार व्यक्त किया। इस रेस्क्यू अभियान में अपर उप निरीक्षक आशिक अली, आरक्षी नितेश खेतवाल व सुरेंद्र और तकनीशियन अंकित पाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एक और कांवड़िए को बहता देख तेज धारा में कूद पड़े तैराक नितेश, बचाई जान
दूसरी घटना में ग्राम सूरजकुंड, जिला मेरठ (यूपी) से कांवड़ लेकर हरिद्वार पहुंचा 23 वर्षीय मनीष पुत्र ठाकुर कांगड़ा घाट क्षेत्र में बह गया। गंगा की तेज लहरों में बहते-डूबते मनीष पर एसडीआरएफ जवानों की नजर पड़ी, तो हालात की गंभीरता को भांपते हुए कांस्टेबल नितेश खेतवाल ने बिना एक पल गंवाए और अपनी जान की परवाह किए तत्काल गंगा में छलांग लगा दी। अपने प्रशिक्षित रेस्क्यू कौशल का परिचय देते हुए नितेश ने डूब रहे कांवड़िये तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। टीम ने मनीष को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया, जिसके बाद वह सामान्य हो गया।

