Monday, August 10, 2026
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जोशीमठ-मलारी मार्ग पर तमकनाला गदेरे में आए सैलाब ने मचाई तबाही, वैली ब्रिज और वाहन बहे, एक कर्मी भी लापता

जोशीमठ/गोपेश्वर। सीमांत नीती घाटी को तहसील मुख्यालय और बाकी दुनिया से जोशीमठ-मलारी मार्ग पर तमकनाला गदेरे में आए सैलाब ने पलभर में ही व्यापक तबाही मचा दी। गदेरे पर बना वैली ब्रिज ताश के पत्तों की तरह बिखरता हुआ उफान में बह गया। एक वाहन और ग्रिफ के एक कर्मचारी के भी बहने की सूचना है। घटना के बाद से डेढ़ दर्जन के आसपास गांवों का तहसील व जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। तहसील मुख्यालय जोशीमठ से एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ ही प्रशासन व पुलिस टीमें प्रभावित क्षेत्र की ओर रवाना कर दी गई हैं।

सोमवार शाम 5ः30 बजे टनों बोल्डर और मलबे के साथ कई मीटर ऊंची बाढ़ ने पलक झपकते किया सब मटियामेट

गोपेश्वर स्थित जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, घटना शाम 5ः30 बजे की है। तहसील जोशीमठ के अंतर्गत जोशीमठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला गदेरे में अचानक भीषण सैलाब आ गया। टनों बोल्डर और मलबे के साथ आए कई मीटर ऊंचे सैलाब ने वैली ब्रिज को उखाड़ कर बहा दिया। गदेरे पर करीब 40 मीटर लंबा यह वैली ब्रिज हाल ही में 123 बीआरटीएफ सुराईथोटा ने निर्मित किया था। आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, एक व्यक्ति व कैंपर वाहन भी उफान में बह गया है। मलारी की ओर से वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है।

कुछ पल को लगा धराली की खीरगाढ़ जैसा नजारा, अलकनंदा में उफान की आषंका में निचले इलाकों में किया जा रहा अलर्ट

पिछले साल 5 अगस्त को उत्तरकाशी के धराली में आए सैलाब की ही तरह आए उफान ने पलक झपकते ही तमकनाला क्षे़त्र में व्यापक तबाही मचा दी। इस खौफनाक मंजर का वहां से गुजर रहे लोगों ने वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। गदेरे के दोनों ओर स्थित ग्रामीणों के खेत भी तबाह हो गए हैं। माना जा रहा है कि तमक गदेरे के कैचमैंट एरिया में बादल फटने (अतिवृष्टि) जैसी किसी स्थिति के कारण यह सैलाब आया। इस बीच, चमोली पुलिस अलकनंदा नदी में उफान आने की आशंका को देखते हुए हाईअलर्ट पर है। पुलिस की ओर से लाउडहेलरों के जरिए जोशीमठ, पीपलकोटी समेत अलकनंदा किनारे के आबादी वाले इलाकों में लोगों को सावधान किया जा रहा है।

जोशीमठ तहसील से एसडीआरएफ-एनडीआरएफ और प्रषासनिक टीमें प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना

जोशीमठ के एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ठ का कहना है कि एसडीआरएफ-एनडीआरएफ और प्रशासन की टीमें मौके की ओर रवाना हो चुकी है। वहां नेटवर्क की दिक्कत है। इसलिए, टीमों के मौके पर पहुंचने के बाद ही विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी। उन्होंने कहा कि मंगलवार से ही वैकल्पिक मार्ग बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। ग्रामीणों के लिए खाद्यान्न आदि की कोई समस्या नहीं होगी, क्योंकि पहले ही वहां पर्याप्त राशन का भंडारण कर लिया गया था।

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