श्रावण मास में है शिव महापुराण कथा श्रवण करने का विशेष महत्व
देहरादून। सरस्वती विहार (अजबपुर खुर्द) स्थित शिव शक्ति मंदिर में आयोजित शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन कथा महात्म्य में व्यास आचार्य महामाया प्रसाद ने कहा कि श्रावण मास में शिव महापुराण कथा सुनने का बड़ा महत्व है। श्रावण मास का अर्थ श्रवण अर्थात सुनने से है। इस मास में भगवान शिव का गुणानुवाद सुनने का बड़ा महत्व है।
अजबपुर खुर्द के सरस्वती विहार शिव शक्ति मंदिर में हो रहा शिव महापुराण कथा का आयोजन
शिव महापुराण का आयोजन सरस्वती विहार विकास समिति की ओर से किया जा रहा है। कथा व्यास ने देवराज, विंदुग़ और चंचला जैसे पापियों का दृष्टांत देते हुए कहा कि यदि बड़े से बड़ा पापी भी एक बार इस कथा का श्रवण कर ले, तो वो भी मुक्त होकर शिव धाम को जाता है। श्रावण मास में सात्विक भोजन करके, काम-क्रोध, लोभ-मोह, राग-द्वेष और ईर्ष्या आदि विकारों को त्याग कर भगवान शिव की भक्ति करनी चाहिए।
समिति पदाधिकारियों व क्षेेत्रवासियों ने प्रातःकालीन पूजा व रूद्राभिषेक में की भगवान भोलेनाथ की आराधना
इससे पूर्व श्रद्धालुओं के साथ ही समिति के पदाधिकारियों ने प्रातः कालीन की पूजा व रुद्राभिषेक में हिस्सा लिया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष पंचम सिंह बिष्ट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बीएस चौहान, उपाध्यक्ष कैलाश राम तिवारी, सचिव गजेंद्र भंडारी, मंदिर संयोजक मूर्ति राम बिज्जलवाण, सह-संयोजक दिनेश जुयाल, वरिष्ठ मंत्री अनूप सिंह फर्तियाल, विजय सिंह रावत, मंगल सिंह कुट्टी, जयप्रकाश सेमवाल, चिंतामणि पुरोहित, बसंत सिंह दफोनी, बग्वालिया सिंह रावत, बीपी शर्मा, पीएल चमोली, आशीष गुसांईं, आचार्य उदय प्रकाश नौटियाल, आचार्य सुशांत जोशी, आचार्य अखिलेश बधानी, वेद किशोर शर्मा, पुष्कर सिंह नेगी समेत काफी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल रहे।

