चिकित्सकों का स्वास्थ्य मंत्री को 15 दिन का अल्टीमेटम, 11 मांगों पर कार्रवाई न हुई तो छेड़ देंगे आंदोलन
देहरादून। प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ उत्तराखंड ने चिकित्सकों की 11 लंबित मांगों के निस्तारण के लिए स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल को ज्ञापन भेजा है। संघ ने मांगों पर 15 दिन के भीतर कार्रवाई न होने की स्थिति में आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
संघ के अध्यक्ष डॉ. रमेश कुंवर और महासचिव डॉ. यशपाल सिंह तोमर की ओर से भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि चिकित्सकों की मांगों के संबंध में पूर्व में भी शासन को पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इससे चिकित्सकों में रोष व्याप्त है। संघ ने स्थानांतरण के बाद चिकित्सकों में उत्पन्न असंतुलन की स्थिति को दूर करने के लिए स्थानांतरण नीति में संशोधन की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि बीमार चिकित्सकों का पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानांतरण किया गया है, जबकि युगल दंपति चिकित्सकों को अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया है। संघ ने स्थानांतरण संबंधी संशोधन को पूरी तरह लागू करने की मांग की है।
संघ ने इसके साथ ही सुनिश्चित कॅरियर प्रगति योजना (एसडीएसीपी) का लाभ देने, रिक्त पदों के सापेक्ष प्रत्येक वर्ष विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) कराने, एमओ, एमओ-1, एसएमओ, जेएमओ, एसीएमओ और निदेशक के पदों में विभागीय आवश्यकता के अनुसार वृद्धि करने, जिला चिकित्सालयों को अन्यत्र शिफ्ट न करने, अस्पतालों में पुलिस चौकी और चिकित्सकों के लिए आवास की व्यवस्था करने, पीजी सीटों में पीएमएचएस अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने और संविदा पर कार्यरत चिकित्सकों को सेवानिवृत्ति के बाद पर्वतीय क्षेत्रों में ही तैनाती देने संबंधी मांगें भी ज्ञापन में उठाई हैं।
मसूरी-नैनीताल और टिहरी-अल्मोड़ा मुख्यालय भी सरकारी डॉक्टर्स के लिए ‘दुर्गम’!
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ को अल्मोड़ा जिला मुख्यालय, टिहरी जिला मुख्यालय, नैनीताल जिला मुख्यालय और मसूरी नगर क्षेत्र भी दुर्गम लग रहे हैं। संघ ने इन चारों स्थानों को सुगम से दुर्गम घोषित करने की मांग करते हुए कहा है कि पूर्व में ये क्षेत्र दुर्गम की श्रेणी में थे। इन्हें फिर दुर्गम घोषित करने से चिकित्सकों को स्थानांतरण समेत अन्य सेवा संबंधी लाभ मिल सकेंगे।

