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पीपलकोटी में टीएचडीसी की टनल धसी, भारी मात्रा में पानी और मलबा आने से फंसे 22 कार्मिक, 16 सुरक्षित निकाले गए, अन्य को रेस्क्यू करने के लिए अभियान जारी

देहरादून। चमोली जिले के मायापुर (पीपलकोटी) में वीरवार शाम बड़ा हादसा हो गया। यहां टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल का एक हिस्सा अचानक धस जाने से वहां भारी मात्रा में पानी के साथ मलबा भर गया। टनल में फंसे 16 लोगों को रात 9 बजे तक निकाला जा चुका था, जिनमें से कई को चोटें आई हैं। कुछ अन्य कार्मिक मलबे में फंसे बताए गए हैं। सभी को निकालने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस व सीआईएसएफ के साथ ही सेना और आईटीबीपी के जवानों को भी लगाया गया है।

मौके पर चमोली के डीएम गौरव कुमार और एसपी सुरजीत सिंह पंवार मौजूद हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन का संचालन कर रहे। देर रात मंत्री भारत चौधरी भी मौके पर पहुंच गए। इधर, राजधानी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मुख्य सचिव आनंद वर्धन और आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन भी रेस्क्यू ऑपरेशन की लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं। प्रभावित मजदूर छतीसगढ़ और झारखंड के रहने वाले हैं। मुख्यमंत्री धामी ने इन दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से देर रात फोन पर बात की।

डीएम और एसपी मौके पर, मदद के लिए एसडीआरएफ-एनडीआरएफ के साथ सेना और आईटीबीपी भी बुलाई

पीपलकोटी में टीएचडीसी की विष्णुगाढ़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में कार्य चल रहा था। एचसीसी कंपनी उक्त कार्य को कर रही है, जिसकी शिफ्ट के 22 श्रमिक व कर्मी वीरवार शाम को वहां कार्यरत थे। शाम 7 बजे के आसपास अचानक टनल मे धसाव होने से भारी मात्रा में मलबा और पानी आ गया। इससे वहां कार्य कर रहे सभी लोग फंस गए। आनन-फानन में उन्हें टनल ने निकालने के लिए साइट पर मौजूद अन्य स्टाफ, पुलिस, सीआईएसएफ, फायर सर्विस के जवान जुट गए। कुछ ही देर में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सेना व आईटीबीपी को भी रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद के लिए बुला लिया गया।

घटना की सूचना मिलते ही जिला मुख्यालय गोपेश्वर से डीएम गौरव कुमार और एसपी सुरजीत सिंह पंवार भी अधिकारियों के साथ कुछ देर बाद मौके पर पहुंच गए। रेस्क्यू में जुटे जवानों ने रात 9 बजे तक 22 में से 16 लोगों को टनल से निकाल लिया था। सभी को पीपलकोटी के विवेकानंद अस्पताल में ले जाया गया है। टनल में फंसे शेष लोगों को निकालने के लिए सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन देर रात तक जारी था।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव और आपदा प्रबंधन सचिव के साथ कंट्रोल रूम में डाला डेरा

घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन व आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन आईटी पार्क स्थित राज्य आपदा प्रबंधन केंद्र के कंट्रोल रूम पहुंच गए और रेस्क्यू ऑपरेषन की पल-पल की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक की और अस्पताल में भर्ती कार्मिकों से वीडियो कॉल के जरिए बात करके उनका हाल भी जाना। उन्होंने जिला प्रशासन सहित सभी संबंधित विभागों व एजेंसियों को समन्वय के साथ त्वरित राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया हैं कि सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है और इस दिशा में सभी आवश्यक संसाधन लगाए गए हैं।

टीएचडीसी की टनल 3 किमी. लंबी है, 1.50वें किमी पर हुआ धसाव

चमोली के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने शासन को भेजी एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) में टीएचडीसी अधिकारियों के हवाले से बताया कि विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की करीब 3 किलोमीटर लंबी टीआरटी टनल के 1.50 वें किमी. भूधसाव हो गया। इससे पानी और मलबा आया है। उक्त घटना में कुल 22 कार्मिक फंसे, जिनमें 16 रात 9 बजे तक निकाल लिए गए थे।

ये जुटे हैं रेस्क्यू ऑपरेशन में…

रेस्क्यू ऑपरेशन में पीपलकोटी थाने व चौकी के 22 जवान, सीआईएसएफ के 25 जवान, एनडीआरएफ के 27 जवान, एसडीआरएफ के 42 जवान, फायर सर्विस के 9 जवान और डीडीआरएफ के 4 लोग जुटे हैं। इसके साथ ही जोषीमठ कैंट और गोचर से सेना व आईटीबीपी के जवान भी मौके पर पहुंचे हैं। मेडिकल टीम व एचसीसी कंपनी की मशीने व मानव संसाधन भी रेस्क्यू अभियान में लगा है।

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