गहरी दुर्गम खाई… रात का अंधेरा… फिर भी डटे रहे जवान, 18 घंटे चले ऑपरेशन के बाद निकाले सभी 6 शव
पौड़ी। करीब 500 मीटर से भी ज्यादा गहरी भीषण दुर्गम खाई। खाई में उतरने का रास्ता नहीं। उस पर रात का घनघोर अंधेरा। बावजूद इसके, न एसडीआरएफ के जवानों ने हार मानीं और न पुलिस या फायर सर्विस टीम ने। शुक्रवार का पूरा दिन और पूरी रात रेस्क्यू टीमें हालात से जूझते हुए खाई और सड़क के बीच डटी रहीं। अंततः सभी 6 शव खाई से निकाले जाने के साथ ही 18 घंटे तक चला ऑपरेशन शनिवार तड़के 5:30 बजे पूरा हुआ।
पौड़ी-देवप्रयाग मार्ग पर शुक्रवार सुबह खाई में गिरी थी हरिद्वार निवासी ठेकेदार की बोलेरो, सभी मृतक एक ही परिवार के
पौड़ी-देवप्रयाग मार्ग पर कुंडाधार डंपिंग जोन इलाके में शुक्रवार सुबह एक बोलेरो अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 250 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटनाग्रस्त वाहन में हरिद्वार जिले के लक्सर ब्लॉक क्षेत्रांतर्गत रायपुर-जीतपुर निवासी 49 वर्षीय ठेकेदार अफजल परिवार के अन्य 6 सदस्यों के साथ सवार था। पुलिस के अनुसार, अफजल वर्तमान में पौड़ी में ठेकेदारी कार्य कर रहा था। वाहन अफजल स्वयं चला रहा था, जो परिवार को पौड़ी घुमाने ले जा रहा था। दुर्घटना में अफजल के साथ ही उसके भाई गुफरान (34 वर्ष), अफजल की पत्नी शब्बो (40 वर्ष), पुत्री 3 वर्षीय पुत्री अन्नाविया, 16 वर्षीय पुत्र अमन व 21 वर्षीय पुत्र अरमान की मौत हो गई, जबकि एक पुत्र गंभीर रूप से घायल है, जिसका उपचार चल रहा है।
शुरू में आई 5 मृतकों की सूचना, छठे का पता रेस्क्यू टीमों को देर शाम चला, टॉर्च की रोशनी में रस्सों के सहारे चला ऑपरेशन

दुर्घटना की सूचना थाना देवप्रयाग को शुक्रवार पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे मिली। इसके बाद पौड़ी डीसीआर के माध्यम से एसडीआरएफ पोस्ट श्रीनगर को सूचना हुई। सूचना मिलते ही थाना देवप्रयाग पुलिस, एसडीआरएफ, फायर सर्विस व अन्य रेस्क्यू टीमें मौके की ओर दौड़ीं। वहां दुर्गम खाई में उतरकर रेस्क्यू टीमों को 5 शव बिखरे मिले। इसके चलते शुरू में पांच लोगों की मौत की जानकारी ही पुलिस की ओर से जारी की गई। शाम होते-होते पता चला कि वाहन में सवार 21 वर्षीय अरमान लापता है। काफी खोजबीन के बाद देर शाम छठा शव भी बरामद कर लिया गया।
दो शवों को शाम ढलने तक निकाल लिया गया, लेकिन अन्य चार शवों को रात के अंधेरे में खाई से निकालकर सड़क तक पहुंचाने की चुनौती रेस्क्यू टीमों के समक्ष थी। इसकी वजह यह थी कि कुछ शव छिटक कर खाई में 500 मीटर तक नीचे थे। इन्हें निकालने के लिए जवानों ने रातभर जोखिम उठाते हुए टॉर्च की रोशनी में रस्सों के सहारे एक-एक कर सभी शवों को निकाल लिया। पौड़ी पुलिस के अनुसार, शवों का पोस्टमार्टम करने के बाद उन्हें परिजनों के सुपुर्द किया गया। शवों को सरकारी शव वाहन से हरिद्वार भेजा गया।

