राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की सरकार को दो टूक, अंशदान बढ़ाने से पहले कर्मचारियों-पेंशनर्स को मिलने वाली अतिरिक्त सुविधाएं स्पष्ट करें
देहरादून। राज्य संयुक्त कर्मचारी परिषद ने सरकार से मांग की है कि वह स्टेट गर्वनमेंट हेल्थ स्कीम (एसजीएचएस) के अंतर्गत कर्मचारियों व पेंशनर्स के अंशदान में वृद्धि के संबंध में विचार करने से पहले यह स्पष्ट करे कि उसकी ओर से क्या अतिरिक्त सुविधाएं दी जाएंगी। परिषद का कहना है कि पहले अंशदान में वृद्धि और बाद में सुविधाएं तय करना किसी भी दशा में स्वीकार्य नहीं होगा।
परिषद के प्रवक्ता हर्षदेव जोशी ने इस संबंध में बयान जारी किया है। उनका कहना है कि परिषद चाहती है कि सरकार यह बताए कि कर्मचारियों व पेंशनर्स से अतिरिक्त अंशदान लिए जाने के एवज में एसजीएचएस के अंतर्गत उन्हें कौन-कौन सी नई व बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन सुविधाओं, कवरेज और स्वास्थ्य सुरक्षा का स्पष्ट खाका सामने आने के बाद ही कर्मचारी व पेंशनर्स संगठन अंशदान बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार करेंगे।
परिषद ने कहा कि एसजीएचएस पर बैठकों के बजाय ठोस निर्णय लिए जाने की जरूरत है। एसजीएचएस प्रदेश के हजारों कर्मचारियों, पेंशनर्स व उनके आश्रितों से सीधे जुड़ा विषय है, इसलिए अब इस पर मुख्यमंत्री स्तर से स्पष्ट व अंतिम निर्णय लिया जाना चाहिए, ताकि योजना को लेकर बनी असमंजस की स्थिति समाप्त हो और लिए गए निर्णय धरातल पर दिखाई दें।
परिषद के अनुसार, बीते 11 अगस्त को इस संबंध में हुई बैठक के बाद लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों, अस्पतालों के स्तर से आवश्यक दस्तावेज व फाइनल बिल उपलब्ध कराने, अधिकृत अस्पतालों में व्यवस्थाओं व क्लीनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट के अनुपालन को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। योजना में पारदर्शिता के लिए ऑडिट व परफॉर्मेंस ऑडिट की व्यवस्था को भी आगे बढ़ाने की बात उक्त बैठक में कही गई।

