चीनी की बेलगाम कीमतों ने जब आमजन की कमरतोड दी, तब जागा प्रशासन, 2 दर्जन से ज्यादा थोक विक्रेताओं के यहां छापेमारी
देहरादून। महज 20-25 दिन के भीतर चीनी की कीमतों में हुई ‘कमरतोड़ बढ़ोत्तरी’ के बाद अब प्रशासन ने इसकी सुध ली है। चौतरफा हाहाकार के बाद हरकत में में आए देहरादून प्रशासन और खाद्य-आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने पूरे जिले में मंगलवार को चीनी के थोक विक्रेताओं के यहां ताबड़तोड़ छापेमारी की।
जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए की गई इस कार्रवाई के दौरान 2 दर्जन से ज्यादा चीनी विक्रेताओं के गोदामों को खंगाला गया।
महज 20-25 दिन में दून के बाजारों में 20 से 25 रूपये किलो तक बढ़ गए दाम, तब भी न सरकार ने संज्ञान लिया-न प्रशासन ने
प्रदेश की राजधानी के बाजारों में चीनी की कीमतों में पिछले 20-25 दिन के भीतर ही 20 से 25 रूपये प्रति किलो तक की वृद्धि हुई है। जहां 20 दिन पहले तक फुटकर में चीनी 47 रूपये प्रति किलो के आसपास मिल रही थी, वहीं अब इसकी कीमत 70-72 रूपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है। कुछेक बड़े स्टोर व चीनी के चुनिंदा फुटकर कारोबारियों के यहां यह अब थोड़ा नीचे आकर 65 से 67 रूपये के बीच बिक रही है। चीनी की कीमतों में हुए इस बेतहाशा उछाल के बावजूद न सरकार हरकत में आई थी-न प्रशासन। अब कई दिन बाद देहरादून प्रशासन को आम लोगों की कमरतोड़ती कीमतों के साथ सातवें आसमान पर पहुंची चीनी को जमीन पर लाने के लिए प्रयास करनेे की सुध आई है। डीएम डॉ. आशीष चौहान ने जिलापूर्ति अधिकारी व सभी एसडीएम को छापेमारी के निर्देश दिए।
अब मारे गए पछवादून-परवादून और राजधानी में प्रशासन, खाद्य-आपूर्ति विभाग और जीएसटी ने एक साथ छापे
चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने और खुले बाजार में इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को जिलापूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल के नेतृत्व में खाद्य-आपूर्ति विभाग की टीमों ने राजधानी, जबकि एसडीएम कुमकुम जोशी के नेतृत्व में ऋषिकेश और एसडीएम विनोद कुमार के नेतृत्व में विकासनगर व सहसपुर के बाजारों में 2 दर्जन से अधिक थोक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान संबंधित थोक विक्रेताओं के यहां उपलब्ध चीनी के स्टॉक, बिक्री अभिलेख, खरीद-बिक्री विवरण की जांच के साथ ही बाजार में चीनी की कीमतों की पड़ताल की गई। छापेमारी अभियान में जीएसटी विभाग की ओर से सहायक आयुक्त दीपक सेमवाल भी टीम के साथ शामिल रहे।
डीएसओ बोले, चीनी की कृत्रिम कमी व जमाखोरी-कालाबाजारी करने और मनमानी कीमत वसूलने वालों पर होगा एक्शन
डीएसओ केके अग्रवाल ने कहा कि बाजार में चीनी की कृत्रिम कमी पैदा करने, जमाखोरी और कालाबाजारी करने अथवा मनमानी मूल्य वसूली जैसी गतिविधियों को किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले में चीनी की उपलब्धता व कीमतों की निगरानी की जा रही है। गड़बड़ी करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सख्ती से कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

