टिहरी के इंद्रमणि नौटियाल सऊदी अरब में ‘बंधक,’ सकुशल घर वापसी कराने के लिए मुख्यमंत्री हुए सक्रिय
देहरादून। टिहरी निवासी इंद्रमणि नौटियाल सऊदी अरब के रियाद में एक साल की सजा काटने के बाद भी ‘सजा’ भुगत रहे हैं। इसकी वजह यह है कि उनकी कंपनी के मालिक पर भी कोर्ट ने 9 लाख सऊदी रियाल (करीब 2.29 करोड़ रूपये) का जुर्माना किया है। बावजूद इसके, कंपनी मालिक जुर्माना भरने के बजाय नौटियाल को ‘बंधक जैसी’ स्थिति में रखकर जुर्माना अदा करने के लिए दबाव बना रहा है। अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए नौटियाल की सकुशल वापसी के लिए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखकर आग्रह किया है।
विदेश मंत्री को पत्र भेजकर सीएम ने किया प्रभावी हस्तक्षेप का आग्रह
मुख्यमंत्री ने विदेश मंत्री को भेजे पत्र में पूरे प्रकरण का संदर्भ देते हुए इंद्रमणि नौटियाल को बंधक अवस्था से मुक्त कराने, आवश्यक न्यायिक व आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और उनकी सकुशल स्वदेश वापसी सुनिश्चित कराने के लिए तत्काल संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने का आग्रह किया है। उन्होंने केंद्र सरकार व विदेश मंत्रालय से प्रकरण में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रभावी हस्तक्षेप की अपेक्षा की है, ताकि नौटियाल को राहत मिल सके और उनका परिवार उनकी सकुशल स्वदेश वापसी की उम्मीद पूरी कर सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेश में कठिन परिस्थितियों में फंसे किसी भी उत्तराखंडी नागरिक की सहायता के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास करेगी।
यह है पूरा मामला….
टिहरी जिले के जौनपुर ब्लॉक क्षेत्रांतर्गत ग्राम गौरसाड़ा निवासी इंद्रमणि नौटियाल पुत्र देवी राम नौटियाल वर्ष-2018 में रोजगार के लिए सऊदी अरब गए थे। वहां वे रियाद स्थित पिकक रोड्स एंड कॉंन्ट्रेक्टिंग कंपनी में ट्रक चालक के रूप में कार्यरत थे। वर्ष-2018 में कार्य अवधि के दौरान एक गंभीर सड़क दुर्घटना हो गई थी। इसके बाद सऊदी अरब की न्यायिक प्रक्रिया के तहत नौटियाल को एक वर्ष का कारावास सुनाया गया। साथ ही ट्रक बीमा व पंजीकरण संबंधी कमी के दृष्टिगत कंपनी मालिक पर भी 9 लाख सऊदी रियाल का जुर्माना लगाया गया। जुर्माने की भारतीय मुद्रा में अनुमानित राशि लगभग 2.29 करोड़ रूपये बताई गई है। घटना के कई वर्ष बीत जाने के बावजूद कंपनी मालिक ने जुर्माने की राशि का भुगतान नहीं किया है। यही नहीं, नौटियाल को बंधक जैसी स्थिति में रखकर वह उन पर जुर्माना अदा करने के लिए दबाव बना रहा है। नौटियाल की पत्नी व पुत्री ने अपने स्तर से नौटियाल की स्वदेश वापसी के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए, लेकिन अपेक्षित सहायता नहीं मिली।

