श्रीनगर में पुलिस ने एंबुलेंस को रोका तो अंदर मरीज नहीं, नशे की भारी-भरकम खेप मिली, पकड़े गए गांजे की बाजार में कीमत 45 लाख रुपये
श्रीनगर गढ़वाल। अगर आपके आसपास से सायरन बजाती एंबुलेंस गुजर रही हो, तो आप मानवता का परिचय देते हुए उसे रास्ता देते हैं। चेकिंग चल रही हो, तब भी पुलिस सहानुभूति दिखाते हुए आमतौर पर उसे नहीं रोकती। भले ही एंबुलेंस मरीज लेकर दौड़ रही हो या खाली। पर, ऐसा नहीं है कि एंबुलेंस हमेशा मरीज के लिए ही दौड़ रही हो। मरीजों से मनमानी वसूली करने वाली एंबुलेंसों की ‘बाढ़’ में कई ऐसी भी हैं, जो लाल-नीली बत्ती और हूटर का इस्तेमाल करते हुए बे-रोकटोक अवैध धंधों को अंजाम दे रही हैं। ऐसी ही एक एंबुलेंस पुलिस के हत्थे चढ़ी है, जिसके कारनामों ने सभी को चौंका दिया। इस एंबुलेंस इस्तेमाल पहाड़ पर मरीज के लिए नहीं, नशे की भारी-भरकम खेप पहुंचाने के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने करीब 45 लाख रुपये कीमत का गांजा इस एंबुलेंस से जब्त किया है।
पुलिस ने संदेह होने पर रोका, तो एंबुलेंस में रखे 9 कट्टों में भरा मिला 90 किलो गांजा
एंबुलेंस से नशे की खेप ढोए जाने का यह सनसनीखेज मामला सामने आया है चारधाम यात्रा मार्ग के प्रमुख पड़ाव और प्रदेश के बड़े शिक्षा केंद्र के रूप में पहचाने जाने वाले श्रीनगर में। श्रीनगर कोतवाली पुलिस रविवार तड़के वाहनों की चेकिंग के लिए अभियान चला रही थी। आवास विकास ग्राउंड के समीप पुलिस वाहनों को चेक कर रही थी। इसी दौरान उसे एंबुलेंस (इको) यूके14पीए0539 आती दिखी। एंबुलेंस में मरीज के बजाय कुछ कट्टे दिखाई दिए, तो पुलिस को संदेह हुआ। इस पर एंबुलेंस को रोक कर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस उस वक्त भौंचक रह गई, जब कट्टों के अंदर गांजा भरा मिला।
रुद्रप्रयाग से भरकर लाया गया था गांजा, श्रीनगर में बेचा जाना था महंगी कीमत पर
पुलिस के अनुसार, एंबुलेंस में रखे 9 कट्टों से कुल 90 किलो अवैध गांजा बरामद हुआ, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये है। एंबुलेंस चालक 45 वर्षीय रविंद्र सिंह बिष्ट, निवासी चौरास, थाना कीर्तिनगर (टिहरी गढ़वाल) को मौके पर ही गिरफ्तार करने के साथ ही नशा तस्करी में प्रयुक्त एंबुलेंस को भी सीज कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त रविंद्र ने बताया कि वह श्रीकोट में उक्त एंबुलेंस का संचालन करता है और अपने एक अन्य सहयोगी के साथ एंबुलेंस से रुद्रप्रयाग क्षेत्र से गांजे के कट्टे लेकर श्रीनगर आ रहा था। इस गांजे को वह रुद्रप्रयाग से कम दामों पर खरीद कर लाया, जिसे श्रीनगर में अधिक मूल्य पर बेचने का प्लान था। पुलिस के मुताबिक, रविंद्र पूर्व में भी नशा तस्करी में संलिप्त रहा है। अब उससे नशे की आपूर्ति से जुड़े अन्य व्यक्तियों व तस्करी की पूरी सप्लाई चेन के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

