उत्तराखंड और यूपी समेत चार चुनावी राज्यों में जनगणना अब दिसंबर में, फरवरी-मार्च में चुनाव टकराने के कारण बदला गणना कार्यक्रम
नई दिल्ली। उत्तराखंड समेत चार चुनावी राज्यों में अब जनगणना का अंतिम दौर अगले साल के बजाय इस साल एक दिसंबर से शुरू होगा। यह फैसला इन राज्यों में अगले वर्ष फरवरी-मार्च में संभावित विधानसभा के दृष्टिगत किया गया है। जनगणना के रजिस्ट्रार जनरल व आयुक्त ने इस आशय का का फैसला लेते हुए संशोधित कार्यक्रम की घोषणा की है।
एक दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक होगी आबादी की गिनती, 16 से 30 नवंबर तक कर सकेंगे स्व-गणना
अगले वर्ष की शुरुआत में उत्तराखंड के साथ ही उत्तर प्रदेश, पंजाब व गोवा में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ठीक इसी समय जनगणना का दूसरा व अंतिम चरण भी प्रस्तावित है। ऐसे में चुनाव वाले राज्यों में दिक्कत पेश आ रही थी। इसी को देखते हुए इन राज्यों में जनगणना पहले करा लेने का निर्णय हुआ है। अब इन चार राज्यों में एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक जनगणना होगी। पांच से नौ जनवरी 2027 तक चलेगा पुनरीक्षण का कार्य चलेगा। उत्तराखंड समेत हिमालयी राज्यों के हिमाच्छादित क्षेत्र के गांव व निकायों में इन दिनों गणना कार्य चल रहा है। इन क्षेत्रों से इतर घर-घर गणना से पूर्व 16 से 30 नवंबर तक स्व-गणना की जा सकेगी। पांचों राज्यों में जनगणना के लिए संदर्भ तिथि 4-5 जनवरी की मध्य रात्रि 12 बजे होगी।

