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मालदेवता में दर्ज हुई इस मानसून सीजन के दौरान एक दिन में सर्वाधिक बारिश

देहरादून। उत्तराखंड में इस मानसून सीजन में 24 घंटे के भीतर अब तक की सर्वाधिक बारिश मालदेवता क्षेत्र में दर्ज हुई। मंगलवार सुबह 8ः30 बजे तक बीते 24 घंटों के दरमियान प्रदेश को कुल 38.8 मिलीमीटर बारिश मिली, जो सामान्य औसत वर्षा (16एमएम) के मुकाबले 143 प्रतिशत ज्यादा है। इस दौरान देहरादून और टिहरी जिले की सीमा में स्थित मालदेवता में ‘अत्यधिक’ बारिश हुई। 1 जून से शुरू हुए मानसून सीजन में यह चौथा स्टेशन था, जहां अत्यधिक बारिश दर्ज हुई।

मंगलवार सुबह तक 24 घंटे में दर्ज हुई 233 मिलीमीटर की अत्यधिक भारी बारिश

भारत मौसम विज्ञान विभाग के देहरादून स्थित केंद्र की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, मालदेवता में कुल सुबह 8ः30 बजे तक रेनगेज को कुल 233 मिलीमीटर बारिश मिली। वर्षा का यह आंकड़ा मौसम विभाग की ‘अत्यधिक भारी’ (एक्सट्रीमली हैवी) यानी ‘रेड कैटेगरी’ में आता है। यही नहीं, इस मानसून सीजन में अभी तक किसी एक स्टेशन पर 24 घंटे के भीतर दर्ज हुई यह वर्षा की सर्वाधिक मात्रा है। खासबात यह है कि 27 जुलाई को सुबह 8ः30 बजे से शाम 5ः30 बजे तक मालदेवता में सिर्फ 10.5 मिलीमीटर बारिश ही हुई। शेष 222.5 मिलीमीटर बारिश सोमवार रात से मंगलवार सुबह यानी महज 15 घंटों के भीतर मिली।

मालदेवता के अलावा इस सीजन में अभी तक 3 अन्य स्टेशनों में भी हो चुकी ‘रेड कैटेगरी’ की बरसात

इस मानसून सीजन में अब तक मालदेवता के अतिरिक्त सिर्फ 3 स्टेशन ही ऐसे हैं, जिनके रेनगेज को इससे पूर्व 24 घंटे की अवधि में रेड कैटेगरी की अत्यधिक भारी बारिश मिली। इनमें हरिद्वार जिले के भगवानपुर में 232 मिलीमीटर (9-10 जुलाई), बागेश्वर जिले के शामा में 220 मिलीमीटर (19-20 जुलाई) और ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर में 206 मिलीमीटर (8-9 जुलाई) बारिश दर्ज हुई थी।

गढ़वाल मंडल के 5 स्टेशनों पर ‘बहुत भारी’ और दोनों मंडलों में 21 स्थानों पर हुई ‘भारी’ बारिश

मंगलवार सुबह 8ः30 बजे तक के 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड में 5 स्टेशनों में ‘बहुत भारी’ (ऑरेंज कैटेगरी) बारिश दर्ज हुई। इनमें देहरादून जिले के हाथीबड़कला (194.5 एमएम), मसूरी (179 एमएम), जौलीग्रांट (172.2 एमएम), रूद्रप्रयाग जिले का ऊखीमठ (131 एमएम) और टिहरी जिले का रानीचौरी (127 एमएम) शामिल हैं। ये पांचों ही स्थान गढ़वाल मंडल में हैं। इनके अतिरिक्त गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के 21 स्थानों पर भारी बारिश दर्ज हुई।

वर्षा की मात्रा को 6 श्रेणियों में दर्ज करता है मौसम विभाग, भारी से अत्यधिक भारी तक यलो, ऑरेंज और रेड कैटेगरी

दरअसल, मौसम विभाग ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन/रेन गेज को मिलने वाली वर्षा को उसकी मात्रा के अनुसार 6 श्रेणियों में दर्ज करता है। इनमें 2.4 मिलीमीटर तक की वर्षा को ‘बहुत हल्की’ (वैरीलाइट रेन), 2.5 से 15.5 मिलीमीटर तक की वर्षा को ‘हल्की’ (लाइट रेन), 15.6 से 64.4 मिलीमीटर तक की मात्रा को ‘मध्यम’ (मॉडरेट रेन), 64.5 से 115.5 मिलीमीटर की मात्रा को ‘भारी’ (हैवी रेन), 115.6 से 204.4 मिलीमीटर बारिश को ‘बहुत भारी’ (वैरी हैवी रेन) और 204.4 मिलीमीटर से अधिक की वर्षा को ‘अत्यधिक भारी’ (एक्सट्रीमली हैवी) की श्रेणी में दर्ज किया जाता है। इनमें आखिरी तीन श्रेणियों की मात्रा को क्रमश: यलो, ऑरेंज और रेड कैटेगरी में रखा जाता है।

दो दिन और हो सकती है भारी बारिश, 3 अगस्त से वर्षा में फिर बढ़ोत्तरी का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने उत्तराखंड में अभी 29 और 30 जुलाई को भी भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त करते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के निदेषक डॉ. सीएस तोमर का कहना है कि फिलहाल बारिश का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। अगले दो दिन भारी बारिश के बाद फिर 3 अगस्त से उत्तराखंड में फिर बारिश बढ़ने की संभावना है। उन्होंने मौसम के बिगड़ैल मिजाज को देखते हुए लोगों से एहतियात के तौर पर दो-एक दिन पहाड़ी क्षेत्रों की अनावष्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

ऑरेंज अलर्ट के दृष्टिगत टिहरी और चंपावत में बुधवार को स्कूल बंद, प्रेमनगर पुल पर आवाजाही फिर शुरू

दूसरी ओर, मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए टिहरी और चंपावत जिलों में बुधवार को स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाष घोषित कर दिया गया है। इस बीच, बल्लूपुर-पांवटा नेशनल हाईवे पर प्रेमनगर क्षेत्र में नंदा की चौकी के निकट टौंस नदी के नए पुलिस की ध्वस्त हुई एप्रोच को मंगलवार शाम तक भरान करके वाहनों की आवाजाही शुरू करा दी गई। दूसरी ओर, भारी बारिश के कारण रूद्रप्रयाग के तिलबाड़ा में मंदाकिनी में अचानक उफान आने से बीचों-बीच फंसी तीन महिलाओं को एसडीआरएफ ने रोप और बल्लियों के सहारे रेस्क्यू कर लिया।

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