लामबगड़ में एक पत्थर ने बचा लीं 25 जिंदगियां
जोशीमठ। ‘जाको राखे साइयां….,’ यह कहावत आज 25 यात्रियों के लिए उस वक्त साबित हुई, जब उनकी बस का ब्रेक फेल तो हुआ ही, स्टेयरिंग भी लॉक हो गया। इससे पहले कि बस नीचे नदी में गिरती, एक बड़ा पत्थर 25 यात्रियों का रक्षक बनकर सामने आ गया। बस का अगला हिस्सा हवा में लटक गया, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित निकाल लिए गए।
बदरीनाथ से हरिद्वार के लिए चली बस के एक साथ हुए ब्रेक फेल और स्टेयरिंग लॉक
घटना वीरवार को जोशीमठ ब्लॉक क्षेत्रांतर्गत लामबगड़ के नजदीक हुई। बदरीनाथ धाम से हरिद्वार के लिए 25 यात्रियों को लेकर चली बस (UK-14-PA-023) लामबगड़ के पास अचानक तकनीकी खराबी के कारण अनियंत्रित हो गई। बस के ब्रेक फेल हो गए। इससे पहले कि चालक बस को पहाड़ी की ओर काटकर यात्रियों को सुरक्षित करता, बस का स्टेयरिंग भी लॉक हो गया। पलक झपकते ही बस गलत दिशा में मुड़ गई और उसका एक हिस्सा सड़क से बाहर निकल गया। नीचे उफनाती अलकनंदा की गर्जना खौफ उत्पन्न कर रही थी और बस के अंदर भयभीत यात्रियों की चीख-पुकार मची थी। इससे पहले कि बस नीचे जाती, सड़क किनारे लगे बड़े से पत्थर से जा टकराई और रुक गई। एक पत्थर ने 25 जिंदगी बचा लीं।
पत्थर से टकराने के बाद नीचे नदी में गिरने से बची, पुलिस और स्थानीय लोगों ने बस से सुरक्षित निकाले यात्री
घटना की सूचना मिलते ही नजदीकी थाना गोविंदघाट से पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से बस में सवार सभी 25 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद यात्रियों की जान में जान आई। चमोली पुलिस के अनुसार, राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी भी यात्री को चोट नहीं आई और सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। यात्रियों को निकलने के बाद पुलिस ने क्रेन की सहायता से बस को सुरक्षित स्थान पर हटवाया। साथ ही सभी यात्रियों को दूसरे वाहन की व्यवस्था कर हरिद्वार के लिए रवाना किया।

