हरिद्वार से अब तक 3 करोड़ 80 लाख से ज्यादा कांवड़िए गंगाजल भर कर अपने गंतव्य को हुए रवाना
हरिद्वार/पौड़ी/उत्तरकाशी। कांवड यात्रा अब अपने अंतिम घंटों में है। पैदल कांवडियों के गंगा जल लेकर अपने गंतव्यों को रवाना होने के बाद अब डाक कांवड़ भी प्रस्थान कर रही हैं। पूरा हरिद्वार कांवडियों से भरा है। कांवड यात्रा शुरू होने के बाद से रविवार शाम तक 3 करोड़ 80 लाख से ज्यादा कांवड़िए गंगा जल लेकर अपने राज्यों को रवाना हो चुके थे।
मेला नियंत्रण कक्ष में बनाए गए पुलिस कंट्रोल रूम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते रविवार को कांवड़ मेला-2026 के 11वें दिन शिवभक्तों की अपार भीड़ उमड़ी।
कुल 60 लाख 70 हजार कांवड़ियों ने दिनभर में हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया। हरिद्वार जिला व पुलिस प्रशासन की ओर से कांवड यात्रा सुरक्षित व सुचारु ढंग से संचालित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
नीलकंठ महादेव के जलाभिषेक को उमड़ी शिव भक्तों की भीड़, अब तक लाखों कांवड़ियों ने किए दर्शन
ऋषिकेश से सटे पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लॉक स्थित प्राचीन नीलकंठ महादेव मंदिर में भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए हजारों की संख्या में कांवड़ियों की भीड़ जुटी है। कांवडियों के अतिरिक्त अन्य शिवभक्त भी बड़ी संख्या में सोमवार को मंदिर में तड़के से ही कतारबद्ध हैं। पौड़ी पुलिस के अनुसार, श्रवण मास में अब तक देश के विभिन्न भागों से आए लाखों शिवभक्त नीलकंठ में जलाभिषेक करके अपने गंतव्यों की ओर लौट चुके हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुगम यात्रा और पार्किंग के लिए पौड़ी पुलिस ने व्यापक व्यवस्था की है।
गंगोत्री में पिछले वर्ष की तुलना में कांवड़ियों की संख्या में 35 फीसद से ज्यादा की बढ़ोत्तरी
उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री धाम में भी इस बार कांवडियों की अप्रत्याशित भीड़ उमड़ी है। इसे देखते हुए उत्तरकाशी पूरी तरह अलर्ट पर है। खुद एसपी कमलेश उपाध्याय ने अधिकारियों के साथ फील्ड में उतरकर कांवड यात्रा के चरम काल में व्यवस्थाएं संभाली हैं। जिला मुख्यालय से लेकर गंगोत्री तक सभी महत्वपूर्ण यात्रा पड़ावों का अधिकारियों ने जायजा लिया। पुलिस के अनुसार, गंगोत्री धाम में इस बार देश के विभिन्न प्रांतों से बड़ी संख्या में शिवभक्त पवित्र गंगाजल लेने पहुंचे। रविवार शाम तक 60 हजार से अधिक कांवड़िए गंगोत्री धाम से गंगाजल भरकर प्रस्थान कर चुके थे। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कांवड़ यात्रियों की संख्या में 35 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है।

