सरकार के रवैये से उत्तराखंड आंदोलनकारी आक्रोशित, 20 को प्रदेश भर में धरना-प्रदर्शन का ऐलान
देहरादून। प्रदेश सरकार और उसके अधिकारियों के स्तर से लगातार हो रहे टाल-मटोल ने उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के गुस्से को भड़का दिया है। गुस्साए आंदोलनकारियों ने सरकार को चेताने के लिए 20 दिसंबर को प्रदेश भर में सभी जिला व ब्लॉक स्तर पर धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। यह फैसला रविवार को यहां कलेक्ट्रेट स्थित शहीद स्मारक परिसर में आयोजित उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच की बैठक में किया गया।
आरक्षण मामले में सत्र न बुलाने और चिह्निकरण लटकाए जाने से है नाराजगी

बैठक में वक्ताओं ने इस बात पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया कि राज्य सरकार ने काफी लंबा समय बीत जाने के बाद भी अब तक न तो 10 फीसद क्षैतिज आरक्षण संबंधी विधेयक पास कराने के लिए विधानसभा का सत्र आहूत किया और न ही शासनादेश होने के बावजूद चिह्निकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। यह समूचे राज्य आंदोलनकारियों के साथ छल और उनका अपमान है।
दीनदयाल उपाध्याय पार्क के बाहर धरने पर बैठेंगे दून के आंदोलनकारी
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंच के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी ने कहा कि यदि राज्य आंदोलनकारियों के मामले को लेकर सरकार गंभीर है, तो फिर अब तक विधानसभा सत्र आहूत क्यों नहीं किया गया? अभी तक आंदोलनकारियों के चिह्निकरण को लेकर देहरादून जिला प्रशासन ने भी कोई पहल नहीं की है। नेगी ने ऐलान किया कि सरकार के रुख को देखते हुए अब संघर्ष का रास्ता ही भी है। इसलिए, 20 दिसंबर को प्रदेश स्तर पर धरना-प्रदर्शन करके मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। देहरादून के आंदोलनकारी पूर्वाह्न 11 बजे से गांधी रोड स्थित दीनदयाल उपाध्याय पार्क के बाहर धरना देंगे।
आंदोलनकारियों सवाल, आखिर क्यों कर रही सरकार इतना पक्षपात

मंच से जुड़ी पछवादून की महिला नेत्री उर्मिला शर्मा व वरिष्ठ आंदोलनकारी जयदीप सकलानी ने सवाल उठाया कि आखिर सरकार राज्य आंदोलनकारियों कें साथ इतना पक्षपात क्यों कर रही है? बैठक का संचालन करते हुए वरिष्ठ आंदोलनकारी पूरण सिंह लिंगवाल व मंच के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने कहा कि मंत्री से लेकर विधानसभा अध्यक्ष तक ने जल्द विधानसभा सत्र आहूत करने का आश्वासन दिया था, लेकिन वे अपनी ही बात पर खरा नहीं उतरे। उन्होंने साफ किया कि यदि सरकार राज्य आंदोलनकारियों से जुड़े मामलों को लटकाएगी, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन तय है।
बैठक में मंच के महासचिव रामलाल खंडूड़ी, विनोद असवाल, क्रांति कुकरेती, विश्वंभर दत्त बौंठियाल, देवेश्वरी रावत, विजय बलूनी, सुरेश नेगी, मनोज नौटियाल, मनीष नेगी, राजेश पंथरी, बीर सिंह रावत, गणेश डंगवाल, धर्मानंद भट्ट, सुरेश कुमार, प्रभात डंडरियाल, राजेश शर्मा, उपेंद्र प्रसाद, बिंदु सेमवाल आदि मौजूद रहे।

