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‘सोनार’, ‘अंडरवाटर ड्रोन’ और ‘स्कूबा डाइविंग’ की भी ली एसडीआरएफ ने मदद, बरामद हुआ आलोकी का शव

ऋषिकेश। बीते सोमवार को चीला रेंज में हुई वाहन दुर्घटना के बाद नहर में गिरने से लापता हुई वन्यजीव प्रतिपालक आलोकी का शव बरामद हो गया है। एसडीआरएफ की टीम ने घटना के चौथे दिन वीरवार तड़के चीला पवार हाउस के निकट इसे बरामद कर लिया। इस तरह इस हादसे में मृतकों की संख्या पांच हो गई है।

 

एसडीआरएफ सोमवार शाम से ही लापता अधिकारी की तलाश में लगातार गहन सर्च आपरेशन चलाए हुए थी। एक ओर अत्याधुनिक खोजी उपकरण ‘सोनार’ (साउंड नेविगेशन एंड रेजिंग तकनीक) और ‘अंडरवाटर ड्रोन’ के माध्यम से  गहन सर्चिंग की गई, वहीं दूसरी ओर एसडीआरएफ के डीप डाइवर्स ने ‘स्कूबा डाइविंग’ करते हुए नहर के तल तक को खंगाला। वीरवार को चीला शक्ति नहर का पानी कम किया गया। इसके बाद राफ्ट, मोटर बोट और डीप डाइवर्स की सहायता से नहर में फिर से सर्च किया गया। इस बार सर्च ऑपरेशन को कामयाबी मिल गई। टीम को वीरवार तड़के पावर हाउस  के निकट नहर में एक शव दिखाई दिया, जिसे बाहर निकाला गया। मौके पर  मौजूद एसडीआरएफ के निरीक्षक कवींद्र सजवाण ने बताया कि बरामद शव की शिनाख्त दुर्घटना में लापता वन्यजीव प्रतिपालक आलोकी के रूप में हो गई है। एसडीआरएफ ने शव को अग्रिम कार्यवाही के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।

इलेक्ट्रिक वाहन के ट्रायल के दौरान हुआ था हादसा, तीन वनाधिकारियों समेत कुल पांच की मौत

 

बीते सोमवार की शाम राजाजी राष्ट्रीय पार्क की चीला रेंज के अधिकारी और कर्मचारी नए खरीदे जाने वाले इलेक्ट्रिक वाहन का ट्रायल लेने निकले थे। चीला-बैराज मार्ग पर वाहन चालक के नियंत्रण से बाहर होकर पेड़ से और फिर नहर की पैरफिट से टकरा कर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। वाहन में वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों और वाहन कंपनी के स्टाफ समेत कुल 10 लोग सवार थे। दुर्घटना में चीला के वन रेंज अधिकारी शैलेश घिल्डियाल व डिप्टी वन रेंज अधिकारी प्रमोद ध्यानी समेत चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि वाइल्ड लाइफ वार्डन आलोकी छिटक कर चीला नहर में जा गिरी थीं। 

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