पंचायत चुनाव : किसी क्षेत्र में आपात स्थिति के कारण मतदान हुआ स्थगित तो ‘इन’ तारीखों में पड़ेंगे दोबारा वोट
देहरादून। प्रदेशभर में लगातार हो रही भारी बारिश ने राज्य निर्वाचन आयोग की चिंताएं बढ़ा दी हैं। चिंता इसलिए, क्योंकि महज तीन दिन बाद पहले चरण का मतदान होना है, जबकि मौसम विभाग ने फिलहाल अगले पांच दिन राज्य में मानसून के एक्टिव रहने के चलते भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके चलते आयोग ने बड़ा निर्णय लेते हुए उन क्षेत्रों के लिए पुनर्मतदान की तारीखें घोषित की हैं, जहां आपात स्थिति में मतदान स्थगित करना पड़ सकता है। जिस क्षेत्र में 24 जुलाई को मतदान स्थगित होगा, वहां पुनर्मतदान 28 जुलाई को द्वितीय चरण की वोटिंग के साथ होगा। जिन क्षेत्रों में 28 जुलाई को वोटिंग स्थगित करनी पड़ सकती है, वहां 30 जुलाई को वोट डाले जाएंगे।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों के लिए जारी किए विस्तृत आदेश

राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार की ओर से सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को जारी आदेश में कहा गया है कि हरिद्वार को छोड़कर राज्य के सभी जिलों में त्रिस्तरीय पंचायतों के सदस्य ग्राम पंचायत, प्रधान ग्राम पंचायत, सदस्य क्षेत्र पंचायत व सदस्य जिला पंचायत के निर्वाचन के लिए समय-सारणी निर्धारित की गई है। प्रथम चक्र का मतदान 24 जुलाई और द्वितीय चक्र का मतदान 28 जुलाई को होगा। उप्र पंचायत राज (सदस्यों, प्रधानों और उप प्रधानों का निर्वाचन) नियमावली-1994 (उत्तराखंड में यथा संशोधित एवं यथा प्रवृत्त) और उप्र क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत (सदस्यों का निर्वाचन) नियमावली-1994 (उत्तराखंड में यथा संशोधित एवं यथा प्रवृत्त) में आपात स्थिति में मतदान स्थगन का प्रावधान है। इसी के अनुसार आयोग की ओर से जारी पीठासीन अधिकारियों की निर्देश पुस्तिका-2025 के अध्याय-14 में भी व्यवस्था दी गई है।
जहां 24 को स्थगित करना पड़ा मतदान वहां 28 को होगा, जिन केंद्रों पर 28 को रुकेगा वहां 30 को पड़ेंगे वोट

आदेश में कहा गया है कि उपरोक्तानुसार मतदान तिथियों में किन्ही क्षेत्रों में आपात स्थिति में मतदान स्थगन की स्थिति बन सकती है। ऐसे स्थगित मतदान को फिर से कराने की व्यवस्था के लिए आयोग ने यह निर्णय लिया है कि प्रथम चक्र में 24 जुलाई को स्थगित मतदान 28 जुलाई को प्रातः 8 बजे से शाम 5 बजे तक और द्वितीय चक्र में 28 जुलाई को स्थगित मतदान पुन 30 जुलाई को प्रातः 8 बजे से शाम 5 बजे तक कराया जाएगा। पुनर्मतदान के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी व आयोग की और से नियुक्त प्रेक्षक ऐसे मतदान स्थलों का गहन परीक्षण कर उनकी सूची अपनी स्पष्ट रिपोर्ट व संस्तुति सहित आयोग को मतदान दिवस की शाम तक हर हाल में प्रेषित करेंगे। आदेश में कहा गया है कि जहां पुनर्मतदान कराना आवश्यक हो जाए वहां वोटिंग के पहले संबंधित क्षेत्र में डुगडुगी पिटवाकर और अन्य प्रकार से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही पूर्व से ही कुछ मतदान टोलियों को पूर्ण व्यवस्था सामग्री सहित रिजर्व करने को कहा गया है।

