ज्ञानपथस्कूल

गांधी इंटर कॉलेज के पुरातन छात्रों ने ‘नए बोर्ड’ के साथ की नई शुरुआत

देहरादून। बेहतरीन पढ़ाई और अनुशासन के मामले में शहर के प्रमुख स्कूलों में शुमार रहे गांधी इंटरमीडिएट कॉलेज से असंख्य लोगों की यादें जुड़ी हैं। इन्हीं लोगों में से कुछ इकट्ठा हुए। मिलकर बैठे और साझा कीं तमाम पुरानी यादें। सिर्फ स्कूली दिनों की यादें ही इस समूह ने साझा नहीं कीं, स्कूल गेट से कायाकल्प की ओर भी पहला कदम बढ़ाया। पुरातन छात्रों ने स्कूल के नाम के पुराने पड़ चुके बोर्ड के स्थान पर नया बोर्ड लगवाया और स्कूल के प्रबंधक व पूर्व शिक्षक कुंदन सिंह रावत के हाथों इसका अनावरण भी कराया।

स्कूल की बेहतरी में करेंगे योगदान, प्रबंधक ने किया बोर्ड का अनावरण
दरअसल, स्कूल के पूर्व छात्र और आईपीएस यशवंत चौहान हाल ही में स्कूल के आगे से गुजरे तो पुराने जीर्ण-शीर्ण बोर्ड को देखकर पूर्व छात्र प्रदीप कुकरेती, सुनील सेमवाल, रामलाल खंडूरी आदि से चर्चा की और इसके बाद हुआ स्कूल के लिए नया बोर्ड लगवाने का फैसला। रविवार को प्रबंधक कुंदन सिंह रावत के हाथों इस नए बोर्ड का रिबन काटकर अनावरण कराया गया। इसके बाद पूर्व छात्रों की बैठक हुई। इसमें प्रबंधक कुंदन सिंह रावत और प्रधानाचार्य अवधेश कुमार कौशिक भी शामिल हुए। तय हुआ कि स्कूल की ओर से सुविधाएं जुटाने और बेहतर माहौल बनान के लिए पुरातन छात्रों का सहयोग लिया जाएगा। यह भी तय हुआ कि स्कूल और पुरातन छात्रों के बीच नियमित संवाद बनाया जाएगा। पुरातन छात्रों की ओर से निकट भविष्य में वृहद स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने और अधिकाधिक पुराने छात्रों को नए छात्रों के साथ इसमें जुटाने का प्रयास किया जाएगा।

इस मौके पर पूर्व छात्र प्रदीप कुकरेती, रामलाल खंडूरी, सुनील सेमवाल, जितेंद्र अंथवाल, यशवंत सिंह चौहान, भोला शंकर डबराल, रामकृष्ण तिवारी, सुबोध सेमवाल, सुनील बहुगुणा, बसंत नैनवाल, सत्यपाल सिंह रावत, शैलेंद्र अमोली, सुबोध सेमवाल, राजेश पांथरी आदि मौजूद रहे।

अब लड़कियों के भी एडमिशन, अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई
विशुद्ध रूप से छात्रों और हिंदी माध्यम का विद्यालय रहे गांधी इंटरमीडिएट कॉलेज ने अब अपना आंतरिक शैक्षिक स्वरूप भी बदला है। स्कूल ने इस सत्र से को-एजुकेशन के क्षेत्र में कदम रखते हुए लड़कियों के लिए भी अपने द्वार खोल दिए हैं। अभी कुछ वर्ष पूर्व कक्षा-1 से 5 तक ही लड़कियों के एडमिशन यहां शुरू किए गए थे। लेकिन, अब कक्षा-6 से 12 तक भी लड़कियां यहां पढ़ सकेंगी। प्रबंधक कुंदन सिंह रावत व प्रधानाचार्य अवधेश कुमार कौशिक ने बताया कि इसी सत्र से बालिकाओं के एडिमशन आरंभ कर दिए गए हैं। उनकी पढ़ाई का माध्यम पूरी तरह अंग्रेजी होगा और बोर्ड सीबीएसई। उन्होंने अभिभावकों से इस सुविधा का लाभ उठाने का आह्वान किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *