अचानक धस गया जाखन गांव, 16 मकान और गौशालाएं ध्वस्त
देहरादून। जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर विकासनगर तहसील में लांघा के नजदीक स्थित जाखन गांव में बुधवार अपराह्न अचानक हुए भारी भू-स्खलन व भू-धंसाव में 16 मकान और गौशालाएं पूरी तरह ध्वस्त हो गईं। प्रशासन ने गांव खाली कराते हुए 30 परिवारों को पड़ोसी गांव के प्राथमिक विद्यालय में बनाए गए राहत शिविर में शिफ्ट किया है।

बताया गया है कि पिछले कुछ दिन से गांव के आसपास भूस्खलन की घटना हो रही थी। इसे देखते हुए ग्रामीण सतर्क थे। अपराह्न जैसे ही मकान दरकने लगे, ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। इसके कुछ ही देर के भीतर मकान भरभरा कर ढह गए। ग्रामीणों का सारा घरेलू और कीमती सामान भी मलबे में दब गया। गांव में कई मकानों को खतरा उत्पन्न हो गया है। अनेक स्थानों पर काफी गहरी और लंबी चौड़ी दरारें बन गई हैं। देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा।

टावर गिरने का खतरा, व्यासी पावर प्रोजेक्ट में बिजली उत्पादन रोका
भूस्खलन के कारण पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) का टावर टेढ़ा हो गया है। टावर गिरने का खतरा उत्पन्न होने के बाद व्यासी जल विद्युत परियोजना में विद्युत उत्पादन फिलहाल रोक दिया गया है। पिटकुल के इंजीनियर टावर को ठीक करने में जुटे हैं। रात देहरादून के एसएसपी दलीप सिंह कुंवर और विकासनगर के विधायक मुन्ना सिंह चौहान भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। गांव में आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

हेलंग में मकान ढहने से घायल 5 लोगों का इलाज जारी, 2 भाइयों की मौत
उधर, चमोली जिले के जोशीमठ थाना क्षेत्रांतर्गत हेलंग बाजार में 15 अगस्त की रात दो मंजिला मकान ढहने से मलबे में दबने से घायल पांचों लोगों का इलाज जारी है।

घायलों में से जोशीमठ निवासी दो लोगों भरत सिंह नेगी (46 वर्ष) व मनीष पंवार को ऋषिकेश एम्स में भर्ती कराया गया है। वहीं नेपाल के पीयू निवासी हुकुम बहादुर (55 वर्ष), हुकुम की पत्नी अमिता देवी (50 वर्ष) व नेपाल के ही धनगढ़ी निवासी सुमित्रा देवी (45 वर्ष) का इलाज जोशीमठ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। इस घटना में नेपाल निवासी दो सगे भाइयों अनमोल (19 वर्ष) व प्रिंस (22 वर्ष) दोनो पुत्र टीकाराम भंडारी की मलबे में दबकर मौत हो गई।

