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दून में 500 बेड के अस्पताल समेत प्रदेश में 182 करोड़ की चार परियोजनाओं का शिलान्यास

देहरादून/जोशीमठ। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में शुक्रवार को उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित 182 करोड़ रुपये की चार परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें 124.10 करोड़ की लागत से दून मेडिकल कॉलेज (देहरादून) में 500 बेड के नए ब्लॉक का निर्माण, रुद्रप्रयाग में 20.38 करोड़ की लागत से क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में 18.80 करोड़ की लागत से क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण और हल्द्वानी में 19.48 करोड़ की लागत से क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य शामिल है।

देश में पहली बार हेल्थ सेक्टर को विकास के साथ जोड़ा गया: डॉ. मांडविया

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मांडविया ने कहा कि आज राज्य में 180 करोड़ से अधिक के कार्यों का शिलान्यास हुआ है। उत्तराखंड विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। यदि राज्य सरकार, केंद्र के दिए लक्ष्य को प्राप्त करती है, तो राज्य को धन की कोई कमी न हो, इसका प्रयास रहेगा। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि देश के नागरिक स्वस्थ रहें। स्वस्थ समाज ही समृद्ध राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। देश के हेल्थ सेक्टर को पहली बार विकास के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने जोड़ा है। देश में क्रिटिकल हेल्थ केयर के लिए 64 हजार करोड़ रुपये पांच साल में खर्च किए जाएंगे। प्रत्येक जनपद में औसतन 100 करोड़ रुपये हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए खर्च किया जा रहा है। भारत में ब्रेन पॉवर और मैन पॉवर की कभी कमी नहीं थी। भारत सामर्थ्यवान देश है, सवाल था देश के नागरिक को अवसर देने का, जब अब देश के नागरिक को अवसर मिल रहा है, तो नतीजा हमेशा बेहतर होता है। डॉ. मांडविया ने उम्मीद जताई कि उत्तराखंड देश का पहला ऐसा बनेगा, जो सबसे पहले टीबीमुक्त हो।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में चार मोर्चों पर काम करने की रणनीति बना रही सरकार: धामी

इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य को 182 करोड़ रुपये से अधिक की चार परियोजनाओं का शिलान्यास कर स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी सौगात दी है। उन्होंने कहा कि राज्य में जन-स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने पर सरकार ने ध्यान केंद्रित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चार मोर्चों पर काम करने के लिए  सरकार रणनीति बना रही है। पहला मोर्चा है, बीमारियों को रोकने के लिए जन-जागरुकता का। दूसरा है, गरीबों को सस्ता और प्रभावी इलाज सुनिश्चित करना। तीसरा मोर्चा है, हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स की क्वान्टिटी और क्वालिटी में बढ़ोतरी करना। चौथा मोर्चा है, समस्याओं से पार पाने के लिए मिशन मोड पर काम करना।

ब्लड डोनेशन में उत्तराखंड देशभर में शीर्ष पर: रावत

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में पिछले पांच साल में जितने काम हो सकते थे, उन्हें धरातल पर उतारने का काम किया गया है। आगे भी हम उत्तराखंड में स्वास्थ्य के क्षेत्र में और अच्छा क्या हो सकता है, इसके लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से राज्य को 1 लाख 24 हजार लोगों से ब्लड डोनेशन कराने का लक्ष्य दिया था। राज्य में एक लाख 1 लाख 67 हजार लोगों ने ब्लड डोनेशन किया है। उत्तराखंड भारत का पहला राज्य है, जिसने सबसे ज्यादा ब्लड डोनेशन किया है और ई रक्तकोश में 80 हजार लोग अभी तक रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं।

जोशीमठ से वीसी के जरिए जुड़े केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मांडविया

शिलान्यास कार्यक्रम शुक्रवार दोपहर को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में था। वहीं से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया को परियोजनाओं का शिलान्यास करना था। वे वीरवार को चमोली जिले के जोशीमठ ब्लॉक में भारत-चीन बॉर्डर पर स्थित नीति घाटी के सीमांत गांव मलारी में ग्रामीणों के बीच थे। वीरवार रात से पूरे प्रदेश में भारी बारिश और बर्फबारी के साथ मौसम खराब रहा। इसके चलते शुक्रवार सुबह मलारी से केंद्रीय मंत्री का चौपर उड़ान नहीं भर सका। लिहाजा, डॉ. मांडविया बाय रोड मलारी से जोशीमठ पहुंचे और वहां से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से देहरादून में हो रहे कार्यक्रम से बतौर मुख्य अतिथि जुड़े।

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