मांगों पर कार्रवाई न होने से कर्मचारी नाराज, संयुक्त परिषद का आंदोलन का ऐलान
देहरादून। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की देहरादून जिला कार्यकारिणी की बैठक में कर्मचाहियों की लंबित मागों के समाधान के लिए चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया गया। परिषद के घटक संघों के पदाधिकारियों ने अपने-अपने विभागों में कर्मचारियों को आंदोलन के लिए संगठित करने का संकल्प लिया ।
कार्यकारिणी की बैठक परिषद के जिलाध्यक्ष रवींद्र सिंह चौहान की अध्यक्षता और जिला सचिव पिंकेश रावत के संचालन में रविवार को यहां निरंजनपुर में आयोजित की गई। बैठक में परिषद के विभिन्न घटक संगठनों के जिलाध्यक्षों, जिला मंत्रियों व कर्मचारी प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। सभी संगठनों के प्रतिनिधियों ने क्रमवार विचार व्यक्त करते हुए कर्मचारियों की लंबित समस्याओं, विशेष रूप से 10, 16 व 26 वर्ष की निरंतर सेवा पर एसीपी के अंतर्गत पदोन्नत वेतनमान, गोल्डन कार्ड, वाहन भत्ता समेत अन्य मांगों पर सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों के समाधान के लिए अब एकजुट होकर प्रभावी संघर्ष करना समय की मांग है। सभी ने प्रांतीय कार्यकारिणी की ओर से प्रस्तावित चरणबद्ध आंदोलन को पूर्ण समर्थन देते हुए अपने-अपने विभागों में कर्मचारियों को संगठित करने का संकल्प लिया। बैठक में आंदोलन की आगामी रूपरेखा, जनजागरण अभियान और शासन पर प्रभावी दबाव बनाने की रणनीति के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही सभी घटक संगठनों से आंदोलन को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग व सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया गया। तय हुआ कि आवश्यकता होने पर देहरादून जिले के पदाधिकारियों की एक ओर बैठक जल्द आयोजित कराई जाएगी।
बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय महामंत्री व पर्यवेक्षक शक्ति प्रसाद भट्ट, प्रदेश प्रवक्ता हर्ष जोशी, गन्ना पर्यवेक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश डबराल, विकास नेगी, अभिषेक, प्रमोद व मनीष सहित अनेक कर्मचारी नेता व पदाधिकारी मौजूद रहे।

