मथुरा प्रवास के दूसरे दिन साध्वी ऋतंभरा के षष्ठिपूर्ति महोत्सव में शामिल हुए धामी
मथुरा। अपने दो दिवसीय मथुरा-वृंदावन प्रवास के दूसरे दिन शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यहां साध्वी ऋतंभरा के षष्ठिपूर्ति महोत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने साध्वी ऋतंभरा को वात्सल्य और ममता की प्रतिमूर्ति बताते हुए शुभकामना दी और उनके सुदीर्घ जीवन की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साध्वी ऋतंभरा का व्यक्तित्व अद्भुत और कृतित्व अकल्पनीय है। उनकी वात्सल्य शक्ति से न जाने कितनी बच्चियों को प्रेरणा और नया जीवन मिला। उनसे सदैव वात्यल्य और ममता का सानिध्य प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि साध्वी ऋतंभरा के स्नेह और आशीर्वाद से उन्हें व्यक्तिगत रूप से हमेशा लोगों की सेवा करने की शक्ति मिलती है। वे स्वयं उनसे सबसे पहले तब प्रभावित हुए थे, जब उनके मुखारबिंदु से श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के समय प्रखर उद्बोधन सुना था। उनके ओजस्वी उद्बोधन ने लाखों लोगों को हृदय की गहराइयों तक प्रभावित किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 22 जनवरी को करोड़ों देशवासियों का रामलला को उनकी जन्मस्थली पर विराजमान करने का संकल्प पूर्ण होने जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित जन समूह से अनुरोध किया कि यहां से हम अपने संतों का आशीर्वाद पाकर भगवान श्रीराम को स्वयं में धारण करने की यात्रा पर आगे बढ़ें। राम को स्वयं में धारण करने के लिए प्रेम से बढ़कर कोई दूसरा मार्ग नहीं है। रामचरित मानस में कहा भी गया है ‘रामहि केवल प्रेम पियारा।’ उन्होंने कहा कि यह तभी संभव होगा जब हम श्रीराम और श्रीकृष्ण को मानने के साथ-साथ उनके दिखाए मार्ग का अनुसरण भी करेंगे।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री धामी ने सुबह मथुरा के प्राचीन बगलामुखी पीतांबरा मंदिर के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने मां बगलामुखी से प्रदेश और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। वहीं, शुक्रवार शाम गोवर्धन में मुख्यमंत्री धामी को स्थानीय भाजपाइयों ने सम्मानित किया।

