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नैनीताल और पिथौरागढ़ में बड़े हादसे, सात पर्यटकों की मौत, आठ यात्री लापता

नैनीताल/पिथौरागढ़। कुमाऊं मंडल के लिए रविवार का दिन काफी दर्दभरा साबित हुआ। यहां नैनीताल और पिथौरागढ़ जिले में हुई अलग-अलग दुर्घटनाओं में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोगों के चट्टानी बोल्डरों के नीचे दबे होने की आशंका है। 25 पर्यटक घायल बताए गए हैं।

हरियाणा से घूमने आए पर्यटकों की बस गिरी खाई में
नैनीताल में रविवार देर शाम हरियाणा के हिसार से घूमने आए पर्यटकों की बस खाई में जा गिरी। बताया गया है कि शनिवार को 32 पर्यटक एक स्कूल बस में सवार होकर नैनीताल घूमने के लिए चले थे। रविवार को नैनीताल घूमने के बाद सभी वापस लौट रहे थे। इसी बीच, शाम करीब साढ़े सात बजे कालाढूंगी रोड पर नालनी के पास ब्रेक फेल होने से बस खाई में गिर गई। पर्यटकों की चीख-पुकार सुनकर स्थनीय लोग मौके की ओर दौड़े। सूचना पाकर पुलिस, एसडीआरएफ और फायर सर्विस की रेस्क्यू टीमें भी दुर्घटनास्थल पर पहुंच गईं। देर रात तक एक किशोर समेत सात पर्यटकों की मौत और 25 के घायल होने की सूचना थी। घायलों को नैनीताल और हल्द्वानी के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

चट्टानें टूटने से यात्रियों समेत बोल्डरों के नीचे दबा वाहन
दूसरी ओर, रविवार दोपहर पिथौरागढ़ जिले के धारचुला-गुंजी मार्ग पर कोथला क्षेत्र में चट्टानें टूटकर गिरीं। इनकी चपेट में आकर सवारियों से भरा वाहन उसके नीचे दब गया। वाहन नाबी गांव निवासी व्यक्ति का बताया जाता है, जो सवारियां लेकर सुबह धारचुला के लिए रवाना हुआ था। वाहन में चालक समेत सात से आठ सवारियां बताई गई हैं। वाहन विशाल बोल्डरों के नीचें दबकर पूरी तरह पिचक गया है। ऐसे में किसी भी यात्री के सुरक्षित बचे होने की संभावना बेहद क्षीण है। रात तक मौके पर प्रशासन, पुलिस, एसएसबी, एसडीआरएफ की टीमें मलबा हटाने के प्रयासों में जुटी थीं, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिलीं।

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