बुखार के दौरान डेंगू मरीज के ब्लड प्रेशर पर रखें नजर, उल्टी होने को अधिक गंभीरता से लें
देहरादून। डेंगू का प्रकोप इस वर्ष दूनघाटी ही नहीं, प्रदेश के विभिन्न मैदानी शहरों और पहाड़ तक भी फैल चुका है। इस पर नियंत्रण की कोशिशें अपेक्षाकृत ज्यादा कामयाब नहीं हो पा रही हैं।
हर व्यक्ति इससे भयभीत है और जरा सा बुखार भी उसकी चिंताएं और बढ़ा रहा है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि डेंगू यदि हो गया, तो क्या सावधानियां बरती जानी चाहिएं और कैसे इससे उबरा जा सकता है? इस बारे में दून मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर और वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एनएस बिष्ट ने वीरवार को नगर निगम में हुई बैठक के दौरान शहरवासियों के साथ कुछ बातें साझा कीं, जो डेंगू के विरुद्ध जागरूकता की दृष्टि से खासी महत्वपूर्ण हैं। डॉ. बिष्ट ने डेंगू से उबरने के लिए जिन बिंदुओं पर खास ध्यान देने की सलाह दी है, उनमें कुछ इस तरह हैं-
1- बुखार के दौरान मरीज के ब्लड प्रेशर का विशेष ध्यान रखें। क्योंकि बीपी लो जाने पर खतरा बढ़ सकता है, जिसे हाइपोटेंशन कहा गया है।
2- बुखार के दौरान उल्टी आने पर इसे अधिक गंभीरता से लेना चाहिए।
3- सामान्यतः डेंगू पीड़ित को प्लेटलेट्स की आवश्यकता नहीं पड़ती। प्लेटलेट्स की कमी एक मिसकनसेप्शन के तौर पर भी फैल गई है। मरीज अगर समय से चिकित्सकीय सलाह ले ले, तो खतरा बहुत कम हो जाता है।
4- बकरी के दूध का सेवन करने से डेंगू का मरीज ठीक हो जाता है, यह भी एक तरह की भ्रांति है। अधिकतर मरीज, जिन्होंने डेंगू के दौरान बकरी के दूध का सेवन किया, वे डायरिया की शिकायत से ग्रस्त हो जाते हैं।
5- डेंगू का मच्छर गंदे पानी में नहीं पनपता। यह मच्छर बहुत समझदार है और साफ व ठहरे हुए पानी में ही फैलता है। सामान्य तौर पर यह किसी भी बर्तन की सतह पर अंडे देकर साफ पानी में लार्वा का फैलाव करता है।

